केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान ने नागौर में खेत दिवस का आयोजन किया

जोधपुर, 30 सितम्बर 2012

राजस्थान के नागौर जिले के हरसोलाओ गांव में राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण द्वारा प्रायोजित पायलट स्टडी ऑन लाइवस्टोक सेन्ट्रिक इंटरवेन्शन्स फॉर लाइवलीहुड इम्प्रूवमेंट इन नागौर डिस्ट्रिक ऑफ राजस्थान परियोजना के अंतर्गत खेत दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. वी.एन. शारदा, सदस्य, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली ने किसानों को केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) और उसके सहयोगी संस्थानों ग्रामीण विकास ट्रस्ट (एनजीओ) और राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड (आरएलडीबी) की परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने पशुओं से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए काजरी के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई तकनीकों को सीखने की सलाह दी। उन्होंने फीड ब्लॉक बनाने की मशीन का भी उद्धाटन किया और कृषक समुदाय को प्रयोग के लिए हस्तांतरित किया। इस इकाई की स्थापना राज्य के ग्रामीण इलाकों में पहली बार किसानों से सहयोग के आधार पर की गई है। खेतों का दौरा करते हुए डॉ. शारदा ने इन-सीटू नमी संरक्षण, चारागाह विकास और पशुधन प्रबंधन की प्रशंसा की।

केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान  संस्थान ने नागौर में खेत दिवस का आयोजन किया

डॉ. एम.एम. रॉय, निदेशक, काजरी ने किसानों से काजरी के साथ काम करने का अनुरोध किया और पशुधन व चारागाह विकास तथा अधिक आय के लिए बागवानी फसलों की आवश्यकता पर बल दिया।

इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों के अतिरिक्त खेतों पर काम करने वाली महिलाओं सहित लगभग 300 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों के क्षमता वर्धन के लिए क्षेत्र के दौरे, प्रदर्शनी, किसान-वैज्ञानिक वार्तालाप और किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। काजरी की तकनीकों का प्रयोग करने और सूखा प्रबंधन में अभिनव प्रयासों के लिए तीन प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया। 

(स्रोत: काजरी, जोधपुर)
(हिन्दी प्रस्तुति:एनएआईपी मास मीडिया प्रोजेक्ट, डीकेएमए)