कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय अजैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान की आधारशिला रखी

रायपुर, 7 अक्टूबर 2012

Agriculture Minister Lays the Foundation Stone of National Institute of Biotic Stress Managementश्री शरद पवार, केंद्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने राष्ट्रीय अजैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान की रायपुर के बारोन्डा फार्म में आधारशिला रखी। यह संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग और कृषि मंत्रालय द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजनाकाल में 121.1 करोड़ रुपयों की लागत से स्थापित किया जाना है।

अपने भाषण में श्री शरद पवार ने कहा कि कृषि उत्पादों के फसल उपरांत प्रसंस्करण के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में बागवानी, डेयरी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक अवसर हैं। उन्होंने चावल के रिकॉर्ड उत्पादन और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य की प्रशंसा की। श्री पवार ने कहा कि राष्ट्रीय अजैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर एक अद्वितीय संस्थान है जो राष्ट्रीय महत्व के अजैविक स्ट्रेस पर शोध करेगा और सम्भवतः जल्द ही इसे अजैविक स्ट्रेस के क्षेत्र में अकादमिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने वाले मानित विश्वविद्यालय (डीम्ड यूनिवर्सिटी) का दर्जा मिल जाएगा। राज्य के साथ-साथ देश के अन्य क्षेत्रों के किसान भी इस नए संस्थान से लाभान्वित होंगे।

Agriculture Minister Lays the Foundation Stone of National Institute of Biotic Stress Managementडॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़; डॉ. चरणदास महंत, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री और श्री चंद्रशेखर साहू, कृषि मंत्री छत्तीसगढ़ ने भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की छत्तीसगढ़ में पहले आईसीएआर संस्थान की स्थापना के लिए प्रंशसा और कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर राज्य विधानसभा के विधायक श्री पटेल भी उपस्थित थे।

इससे पहले, डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव डेयर एवं महानिदेशक आईसीएआर ने अतिथियों का स्वागत किया और नए संस्थान के बारे में जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में डॉ. एस.के. पाटिल, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर, डॉ. एस.के. दत्ता, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), डॉ. टी.पी. राजेंद्रन, सहायक महानिदेशक (पौध सुरक्षा), डॉ. पी.आर. क्रिदत्त, कृषि निदेशक, छत्तीसगढ ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार व आईजीकेवी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ 100 से अधिक किसानों और कृषि उद्यमियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, जबलपुर और राज्य के कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की टीम भी उपस्थित थी।

डॉ. एस.के. दत्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

(हिन्दी प्रस्तुति : एनएआईपी मास मीडिया परियोजना, डीकेएमए)