प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम

मछलीपालकों, प्रगतिशील किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के हित के लिए केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईएफटी) के विशाखापट्टनम अनुसंधान केन्द्र द्वारा एनईएच योजना के तहत 17-19 मार्च, 2013 को इडुली और जिआ गांव, रोइंग, लोअर दिबांग वैली जिला, अरुणाचल प्रदेश में 'सीआईएफटी प्रौद्योगिकियों का हस्तक्षेप' नाम प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। एक प्रगतिशील मत्स्य पालक के फार्म पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जनजातीय मछलीपालक, प्रगतिशील किसान और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों सहित 50 प्रशिक्षणार्थी शामिल थे।

इस कार्यक्रम में तेज बहाव वाली नदियों, छोटे जलाशयों और विभिन्न फार्म स्तरों पर मछली पकड़ने के लिए विभिन्न प्रगहण विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। 'मूल्य सवंर्धित उत्पाद' के तहत मछली प्रसंस्करण, विभिन्न प्रकार के मूल्य वर्धित मछली उत्पादों मछली स्वच्छतापूर्ण हैण्डलिंग और पैकेजिंग के महत्व पर व्याख्यान दिये गये। यहां मछली का अचार, मछली का कीमा, मछली के पकोड़े, ब्रेड मिश्रित मछली के स्लाइस और मछली के कटलेट आदि बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

'कम्यूनिटी फिश स्मोकिंग क्लिन का प्रयोग करके धूम्र उपचारित हाइजिनिक मत्स्य उत्पाद' विषय पर भा.कृ.अनु.प. अनुसंधान परिसर, लेम्बुचेर्रा, त्रिपुरा और केवीके, त्रिपुरा में 20-23 मार्च, 2013 तक प्रशिक्षण प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं- (1) दो कम्यूनिटी फिश स्मोकिंग क्लिन इकाईयों की स्थापना और (2) कम्यूनिटी फिश स्मोकिंग क्लिन का प्रयोग करके धूम्र उपचारित हाइजिनिक मत्स्य उत्पाद तैयार करने पर प्रशिक्षण और प्रदर्शन का अयोजन।

प्रशिक्षण सत्र में निम्न व्याख्यान दिये गये- मछली परीक्षण की विभिन्न विधियां, मछली उपयोग के स्वास्थ्य संबंधी लाभ, कम्यूनिटी फिश स्मोकिंग क्लिन द्वारा मछली धूम्र उपचार का महत्व और धूम्र उपचारित हाइजिनिक मत्स्य उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

'मत्स्य प्रग्रहण और प्रग्रहण उपरांत प्रौद्योगिकियां' विषय पर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन का आयोजन केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान के विशाखापट्टनम अनुसंधान केन्द्र द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, लेंगपुई, मामित जिला, मिजोरम में 26-28 मार्च, 2013 को किया गया।

'प्रग्रहण प्रौद्योगिकियां' विषय पर प्रशिक्षण सत्र में मिजोरम के विभिन्न जल संसाधनों से मत्स्य प्रग्रहण की विभिन्न विधियों पर प्रकाश डाला गया। अच्छे प्रशिक्षण के लिए साधारण मल्टीफिलामेंट मल्टी मेश गिल नेट (4), प्लास्टिक मेश फोल्डेबल ट्रैप (5), टॉल लाइन, हुक और कृत्रिम चुग्गा और कीमा बनाने का उपकरण (2), हीट सीलिंग मशीन (3), प्रशिक्षणार्थियों में इन्सूलेटिक पाउच, एप्रेन, दस्ताने, मास्क और टोपियों का वितरण भी किया गया।

(स्रोतः सीआईएफटी, कोचिन)
(हिन्दी प्रस्तुतिः एनएआईपी, मास मीडिया परियोजना, डीकेएमए)