चावल की परती भूमि में दलहन उत्‍पादन पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

10thमार्च, 2016, उमियाम  

Field Day on pulse production in rice fallow organized जनजातीय उप योजना (TSP) के तहत अंतर्राष्‍ट्रीय दलहन वर्ष 2016 को मनाने के लिए आज यहां उत्‍तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का परिसर, उमियाम में ''चावल की परती भूमि में दलहन उत्‍पादन'' पर एक प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। किसानों के बीच दलहन के बारे में जागरूकता पैदा करने और चावल की परती भूमि में शून्‍य जुताई वाली दलहन खेती तकनीकों के बारे में जानकारी का प्रसार करने के लिए प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया।

डॉ. एस.वी. नचान, निदेशक, उत्‍तर पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद परिसर, उमियाम ने किसानों से अपनी आजीविका को बेहतर करने और आमदनी को बढ़ाने के लिए मटर, मसूर, फ्रेंचबीन आदि जैसी दलहन फसलों को उगाने का अनुरोध किया। उन्‍होंने आगे बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा पर्वतीय खेती के लिए दलहन उत्‍पादन प्रौद्योगिकी को विकसित करने में अपने सर्वश्रेष्‍ठ प्रयास किये जा रहे हैं।

डॉ. के. ममोचा सिंह, डीन, सीपीजीएस, सीएयू, उमियाम जो कि कार्यक्रम के विशिष्‍ट अतिथि भी थे, ने किसानों से टिकाऊ उपज के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने और क्षेत्र में उपलब्‍ध संसाधनों का उपयोग करने का अनुरोध किया।

इससे पूर्व, डॉ. डी.जे. राजखोवा, अध्‍यक्ष, फसल उत्‍पादन संभाग ने स्‍वागत भाषण देते हुए कहा  कि दालें प्रोटीन का भरपूर स्रोत होती हैं और इन्‍हें चावल की परती भूमि परिस्थितियों में आसानी से उगाया जा सकता है। दलहन से वातावरणीय नाइट्रोजन का निर्धारण करके मृदा की उर्वरता में सुधार लाया जाता है और इसलिए किसानों को इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी को अपनाने की जरूरत है।

इस कार्यक्रम में मेघालय के 15 गांवों के लगभग 250 किसानों ने भाग लिया।

Field Day on pulse production in rice fallow organized

एक पत्रक “ नो टिल लेन्टिल प्रोडक्‍शन इन राइस फैलो फॉर नार्थ ईस्‍टर्न हिल रीजन’’ को अंग्रेजी तथा स्‍थानीय खासी भाषा में जारी करके किसानों के बीच बांटा गया।

चावल की परती जमीन पर निचली भूमि में मटर तथा मसूर की शून्‍य जुताई खेती का प्रदर्शन करने के लिए खेत दौरा कराया गया तथा साथ ही व्‍यावहारिक प्रदर्शन भी आयोजित किया गया।

(स्रोत : उत्‍तर पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का परिसर, उमियाम)