भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड के शताब्‍दी समारोह का शुभारंभ

12thमार्च, 2016, कासरगोड

आज यहां भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड के शताब्‍दी समारोह की शुरूआत की गई।   

Centenary Celebrations of ICAR-CPCRI LaunchedCentenary Celebrations of ICAR-CPCRI Launched

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डॉ. एन.के. कृष्‍णकुमार, उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप ने कहा कि किसानों को अपने उत्‍पादों की मार्केटिंग के लिए किसान समूह बनाने चाहिए तथा निजी – सार्वजनिक भागीदारी उपक्रमों के साथ हाथ मिलाना चाहिए। डॉ. कृष्‍ण कुमार ने पर्यावरणीय सुरक्षा और संधारणीयता को बनाने में उत्‍पादकों के लिए भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने पैकेज्‍ड नारियल सॉफ्ट पेय की मार्केटिंग पर सार्थक प्रयास और अनुसंधान करने के लिए कहा।

डॉ. पी. चौदप्‍पा, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड ने कार्यक्रम की अध्‍यक्षता की और वर्ष के दौरान संस्‍थान के शताब्‍दी समारोह के लिए नियोजित विभिन्‍न कार्यक्रमों के बारे में बताया। उन्‍होंने सूचित किया कि रोपण फसलों में होने वाले मूल्‍यों के उतार चढ़ाव की समस्‍या का मुकाबला अंतर-फसलचक्र द्वारा किया जा सकता है जिससे टिकाउ आमदनी अर्जित करने में मदद मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि मूल्‍य वर्धन पर भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाने और प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण के माध्‍यम से उत्‍पादों के मूल्‍य वर्धन और उद्यमियों के विकास की दिशा में प्रयासों में वृद्धि  हुई है।

श्री एस.पी. सतीश चन्‍द्रा, अध्‍यक्ष, सीएएमपीसीओ, मंगलुरू ने अपने मुख्‍य संबोधन में सुपारी उत्‍पादकों की मशीनीकरण की जरूरतों पर बल दिया।

‘शताब्‍दी नारियल पार्क’ की स्‍थापना करने हेतु एक सौ किसानों ने एक मिनट में  भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड द्वारा जारी की गईं 18 किस्‍मों की एक सौ नारियल पौद का रोपण किया।

इस अवसर पर ‘सीपीसीआरआई  का शताब्‍दी लोगो’ और ‘सीपीसीआरआई की 100 वर्ष की यात्रा’ पर श्री पी.एस. पुनीचिथैया द्वारा बनाई गई पेन्टिंग का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में तीन प्रकाशनों नामत: ए स्‍पेशल चॉकलेट ‘कल्‍प चोको’ , मेड ऑफ कोकोनट सुगर; जैविक उत्‍पादों ‘कल्‍प आर्गेनिक गोल्‍ड’ और ‘कल्‍प सॉयल केयर’ को जारी किया गया।

विभिन्‍न प्रौद्योगिकियों और बागवानी अनुसंधान के उत्‍पादों को दर्शाने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।

.इस कार्यक्रम में लगभग 3000 किसानों ने भाग लिया। शताब्‍दी वर्ष के दौरान, देशभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान, कासरगोड)