प्रमुख फसलों में आईपीएम पर विचार मंथन सत्र

17 फरवरी, 2016, एनएएससी परिसर, नई दिल्‍ली

भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन केन्‍द्र, नई दिल्‍ली द्वारा दिनांक 16-17 फरवरी, 2016 को नई दिल्‍ली में प्रमुख फसलों में समेकित नाशीजीव प्रबंधन पर दो दिवसीय विचार मंथन सत्र का आयोजन किया गया।

Orientation Course on IPM in Important Crops

डॉ. एस. अय्यप्‍पन, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने मिट्टी, पौधा, पशु तथा मानव पारस्‍परिकता को ध्‍यान में रखकर फसल स्‍वास्‍थ्‍य प्रबंधन पर विशेष बल देते हुए देश में पादप संरक्षण के कार्य में लगे सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों के माध्‍यम से समेकित नाशीजीव प्रबंधन विकास और क्रियान्‍वयन पर बल दिया। उन्‍होंने आवश्‍यक नीति सहयोग के साथ आईपीएम में नए इनोवेशन और सुधार की जरूरत भी बताई ।

डॉ. जीत सिंह संधू, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने परिवर्तनशील कृषि पारिस्थितिकी क्षेत्रों के अनुकूल आईपीएम पैकेजों के सामंजस्‍य की जरूरत पर बल दिया।

इस अवसर पर डॉ. सी. चट्टोपाध्‍याय एवं डॉ. डी. प्रसाद द्वारा रचित एक पुस्‍तक ‘’डायनामिक्‍स ऑफ क्रॉप प्रोटेक्‍शन एंड क्‍लाइमेट चेंज’’ का विमोचन किया गया।

भाकृअनुप मुख्‍यालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों, परिषद के अनेक फसल व बागवानी विज्ञान संस्‍थानों के निदेशकों, संभागाध्‍यक्षों और वैज्ञानिकों तथा 83 फसल संरक्षण अनुसंधानकर्मियों ने इस विचार मंथन बैठक में भाग लिया।

सिफारिशें :

  • फसल आधारित अन्‍य भाकृअनुप संस्‍थानों, राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालयों, कृषि सहकारिता एवं किसान कल्‍याण विभाग, तथा राज्‍य कृषि विभागों के साथ मिलकर विभिन्‍न फसलों के आईपीएम पैकेजों का सामंजस्‍य
  • राष्‍ट्रीय स्‍तर पर ई-नाशीजीव सर्विलांस
  • आईपीएम प्रौद्योगिकीय पैकेजों में महत्‍वपूर्ण संघटकों के रूप में मधुमक्खियों और अन्‍य परागकों का समेकन 

(स्रोत : भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन केन्‍द्र, नई दिल्‍ली)