महानिदेशक, भाकृअनुप ने गुण विशिष्‍ट जननद्रव्‍य की पहचान करने पर बल दिया

31 मार्च, 2016, नई दिल्‍ली

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने आज भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्‍यूरो (NBPGR), नई दिल्‍ली का दौरा किया। ब्‍यूरो में अपने संबोधन में महानिदेशक महोदय ने कहा कि ब्‍यूरो को भू संदर्भित तथा गैप विश्‍लेषण के आधार पर अपनी अन्‍वेषण गतिविधियों की पुन: डिजाइन तैयार करनी चाहिए और साथ ही उन्‍होंने गुण विशिष्‍ट जननद्रव्‍य की पहचान करने में मूल्‍यांकन की जरूरत पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि नए नाशीजीव अवरोधों की पहचान के लिए नैदानिकी पर कार्य करने, पादप संख्‍या में नाशीजीव चरों की गतिकी की मॉनीटरिंग करने और विदेशी नाशीजीवों का प्रबंधन करने के लिए पादप संगरोध को नया आयाम दिया जाए। डॉ. महापात्र ने डीएनए फिंगरप्रिन्टिंग तथा किस्‍म पहचान में पहले से स्‍थापित, विज्ञान-सम्‍मत तथा कानूनी रूप से वैध रीतियों का पालन करने की जरूरत पर बल दिया।

DG, ICAR Emphasized Identification of Trait-specific GermplasmDG, ICAR Emphasized Identification of Trait-specific Germplasm

डॉ. महापात्र द्वारा एक प्रकाशन – ‘’यूटीलाइजेशन ऑफ एक्‍स सीटू कलेक्‍शन्‍स एंड क्‍लाइमेट एनालोगस फॉर इनहेन्सिंग अडैप्टिव कैपेसिटी टू क्‍लाइमेट चेंज’’ का विमोचन किया गया । यह प्रकाशन सीसीएएफएस द्वारा वित्‍त पोषित परियोजना का परिणाम है जिसमें दस फसल प्रजातियों से संबंधित 60,000 से भी अधिक प्राप्तियों का भू-संदर्भ है।

डॉ. के.सी. बंसल, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्‍यूरो, नई दिल्ली ने संस्‍थान की गतिविधियों और उपलब्धियों पर एक संक्षिप्‍त प्रस्‍तुतीकरण दिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्‍यूरो (NBPGR), नई दिल्‍ली)