सीफा द्वारा रोहू की 'जयंती' बहुगुणन इकाइयों की स्थापना हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

11 जुलाई, 2016, भुबनेश्वर

भाकृअनुप – सीफा ने संस्थान द्वारा विकसित रोहू की ‘जयंती’ किस्म की बहुगुणन ईकाइयों की स्थापना हेतु अनुभवी हैचरी मालिकों श्री एस.के. बिस्वाल, जगतसिंहपुर, ओडिशा, श्री एस. बेलचंदन, दुर्ग, छत्तीसगढ़, श्री आर. अमिर, बरहामपुर, पश्चिम बंगाल, श्री कुमार जे. महाराष्ट्र, भाटापाड़ा, बेनपुर, ओडिशा और श्री देबाजीत बर्मन, नालबारी, असम के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेन्टर (एबीआई) के साथ ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) की वित्तीय सहायता के साथ मत्स्य अनुवांशिकी और भाकृअनुप - सीफा के जैव प्रौद्योगिकी प्रभाग ने संयुक्त रूप से एक कार्यशाला आयोजित की जो इस कार्यक्रम का एक भाग था।

ICAR-CIFA signed MoU for the establishment of rohu 'Jayanti' multiplier unitsICAR-CIFA signed MoU for the establishment of rohu 'Jayanti' multiplier units

डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, भाकृअनुप – सीफा ने रोहू की उन्नत किस्सों को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया जिससे देश में मछली के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने सीफा ब्रूड टीएम (क्रॉप ब्रूडस्टॉक डायट) और ‘जयंती’ प्रौद्योगिकी के एकीकरण का सुझाव दिया ताकि जून तक छोटी मछलियों के उत्पादन से मछुआरों को अच्छा बाजार मूल्य मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने ‘जयंती’ किस्म के प्रजनन पर भी जोर दिया।    

डॉ. जे.के. सुन्दरेय, प्रमुख, मत्स्य अनुवांशिकी जैवप्रौद्योगिकी विभाग ने रोहू के वर्तमान 30 प्रतिशत भाग को ‘जयंती’ के साथ बदलने की चुनौती को पूरा करने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा व कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी।

(स्रोतः भाकृअनुप – ताजा जलजीव पालन केन्द्रीय संस्थान, भुबनेश्वर)