निक्रा - विशेषज्ञ समिति की बैठक

14 जून, 2016, नई दिल्ली

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने 14 जून, 2016 को तीन दिवसीय (14-16 जून, 2016) एनआईसीआरए (निक्रा) विशेषज्ञ समिति की बैठक का उद्घाटन किया।

NICRA-Expert Committee Meeting NICRA-Expert Committee Meeting

डॉ. महापात्र ने अपने उद्घाटन भाषण में आकस्मिक योजना कार्यान्वयन के लिए निगरानी तंत्र विकसित करने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने फसल, एनआरएम, पशुधन, मुर्गी पालन और मात्स्यिकी क्षेत्रों के बेहतर एकीकरण के माध्यम से अनुकूलन और कृषि प्रणालियों के न्यूनीकरण का संकेत दिया। उन्होंने निक्रा-जलवायु अनुरूप गांवों से प्राप्त ज्ञान को सहेजने का भी सुझाव दिया।

डॉ. अलगूसुंदरम्, उपमहानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी) ने निक्रा गांवों में स्थापित कस्टम हायरिंग केन्द्रों की सराहना की और जलवायु परिवर्तन को अनुकूल बनाने में आईटीके के उपयोग पर प्रकाश डाला।

डॉ. सीएच. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-क्रीडा ने स्थापना के बाद से निक्रा की प्रगति पर अवलोकन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न आउटपुट और परियोजनाओं के परिणामों व प्रौद्योगिकियों को एनएमएसए, पीएमकेएसवाई, जल मिशन, हिमालय मिशन, राज्य शुष्क भूमि मिशनों जैसे अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संयोजन पर भी जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकारों द्वारा स्थापित 151 जलवायु अनुकूल आदर्श गांवों की आपातकालीन योजनाओं के इंटरफेस के साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय एवं स्टेशन क्रार्यक्रमों के माध्यम से इनके चौतरफा विस्तार की जानकारी भी दी।

डॉ एस.एम. वीरमणि, अध्यक्ष, विशेषज्ञ समिति बैठक ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन वार्ता की पृष्ठभूमि से संबंधित जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने निक्रा के तहत परियोजना प्रस्तावों के लिए कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत पृष्ठभूमि के विश्लेषण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

भाकृअनुप के प्रमुख अधिकारियों व प्रमुख परियोजना जांचकर्ताओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप – केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)