भाकृअनुप - क्षेत्रीय समिति की पंतनगर में बैठक

30 मई, 2016, पंतनगर

डॉ. के.के. पॉल, माननीय राज्यपाल, उत्तराखंड ने 30 मई, 2016 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) क्षेत्रीय समिति संख्या 1 की 24 वीं बैठक का उद्घाटन किया। इस दो दिवसीय बैठक का आयोजन पंतनगर के जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में किया गया। समिति के पास उत्तर-पश्चिमी पहाड़ी राज्यों जैसे, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कृषि और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास के लिए अधिदेश है। ।

ICAR Regional Committee Meeting Inaugurated at PantnagarICAR Regional Committee Meeting Inaugurated at Pantnagar

डॉ पॉल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दें जिस पर समिति को ध्यान देना चाहिए उनमें मिश्रित फसल, स्थान विशेष के लिए खेती प्रणाली मॉडल को विकसित करना, किसानों के लिए जैविक उत्पादन अधिक लाभदायक बनाना, प्रमाणिक बीज रोपण सामग्री की उपलब्ध बनाए रखना, तकनीक विकास द्वारा जंगली जानवरों को खेतों से दूर रखना, बेहतर कृषि उपकरणों का विकास, फसल की विफलता और कम उत्पादकता की चुनौतियों का निपटारा और मांग वाली वस्तुओं द्वारा परिश्रम के लाभकारी मूल्य के लिए बाजार से किसानों को जोड़ना इत्यादि शामिल हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समिति ने आईसीएआर संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि, बागवानी, पशुपालन के राज्य विभागों और विभिन्न राज्य सरकारों के मत्स्य पालन के बीच एक प्रभावी संपर्क और समन्वय बनाने की कोशिश में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विचार-विमर्श के माध्यम से इस समिति क्षेत्र में कृषि के सतत विकास के लिए लंबी अवधि के लिए उचित रणनीति और नीतियों का विकास होगा।

श्री गुलाम नबी लोन (हंजूरा), जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में कृषि को लाभदायक बनाने में सुगंधित चावल, केसर, राजमा, पश्मीना बकरी, बागवानी उत्पादों आदि का सहयोग रहा है। इसके साथ ही कृषि पर अधिक शोध की आवश्यकता है ताकि सरकार पर किसानों की निर्भरता को कम किया जा सकता है। उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि वर्षा सिंचित और जलवायु अनुकूल क्षेत्रों में एकीकृत विकास के लिए उपयुक्त किस्मों की उपलब्धता हो।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर और महानिदेशक, भाकृअनुप ने कहा कि केन्द्र सरकार और भाकृअनुप इस समिति के माध्यम से कृषि व संबद्ध क्षेत्रों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने के लिए राज्य सरकार को शामिल करेंगे। चुनौतियों के रहते हुए भी इस क्षेत्र में अपार अवसर हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह कहा कि क्षेत्र के लिए उपयुक्त उच्च गुणवत्ता वाले बीज और रोपण सामग्री प्रदान करने के अलावा किसानों को बाजार से जोड़ा जाय।

डॉ एन.के. कृष्ण कुमार, उपमहानिदेशक (बागवानी) और इस समिति के नोडल अधिकारी, ने अपने संबोधन में इस क्षेत्र की विशेषताओं और यहां किए जा रहे बेहतरीन कार्य पर प्रकाश डाला।

डॉ. मंगला राय, कुलपति, जीबीपीयूए एंड टी, पंतनगर, ने सम्मानित अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में समिति से यह इच्छा जताई कि पर्वतीय कृषि, पशु जन्य रोग और कृषि पत्रकारिता जैसे विषयों पर चर्चा की आवश्यकता है। इनकी अनुशंसा हाल ही में पंत नगर विश्वविद्यालय में हुए तीन सम्मेलनों में की गई।

भाकृअनुप के शासी निकाय के सदस्य, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और वैज्ञानिकों, भाकृअनुप संस्थानों के निदेशकों, राज्य सरकारों और भाकृअनुप के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया हैं।

डॉ. पी. के. मिश्रा, सदस्य-सचिव समिति और निदेशक, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

(स्रोत: जीबीपीयूएटी ए एंड टी, पंतनगर)