पोर्ट ब्लेअर में ड्रैगन फ्रूट की खेती

डैगन फ्रूट (हाइलोसेरेस स्पी.) भारत में हाल ही में प्रचलित हुआ है। अपने पोषण तत्वों के महत्व के कारण इसका उच्च मूल्य है। कैक्टस प्रजाति की यह आरोही बेल है और कैक्टस कुल में इसके सर्वाधिक सुन्दर फूल माने जाते हैं इसलिए इसे ‘नोबल वुमन’ या ‘क्वीन ऑफ द नाइट’ के नाम से भी जाना जाता है। इस फल का रसदार गूदा बेहद स्वादिष्ट होता है। डैगन फ्रूट की 5 विभिन्न किस्मों को केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पोर्ट ब्लेअर में परीक्षण फार्म में लगाया गया। डैगन फ्रूट आरोही कैक्टस है इसलिए इसकी वृद्धि और विकास के लिए सहारे की आवश्यकता होती है। हमारे वैज्ञानिकों ने सीमेंट के मजबूत खम्भों से इन्हें सहारा दिया क्योंकि इन बेलों की आयु 20 वर्ष तक होती है। कंक्रीट खम्भों पर एक चैकोर आधार तैयार किया गया ताकि फलों की बेलें फैल सकें। चूंकि यह यह द्वीप उच्च वर्षा क्षेत्र में है इसलिए मृदा अपरदन एक आम समस्या है इसलिए वैज्ञानिकों ने कंक्रीट चैकोर को आधार बनाकर बेलों को सहारा प्रदान किया।

Dragon fruit – a potential high value crop for diversification in Bay Islands

वैकल्पिक रूप से हमारे वैज्ञानिकों ने लोहे के खम्भे और टायर का आधार बनाकर कम लागत की संरचना की। इन ढांचों को 3मी.ˣ3मी. की दूरी पर बनाया जाता है। घूरे की खाद, नारियल जटा की कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों सहित अच्छी मिट्टी का प्रयोग किया गया। जून, 2015 में प्रत्येक खम्भे के चारों ओर चार जड़युक्त कटिंग लगायी गयी। यहां डैगन फ्रूट बेल की बढ़ोतरी बहुत तेजी से देखी गयी और प्रति सप्ताह 8.2 सें.मी. बेल की औसत लंबाई बढ़ी। इसके लिए 1145-2540 मि.मी./वर्ष वर्षा की आवश्यकता है। इस द्वीप पर आठ महीने वर्षा होने के कारण सिंचाई की आवश्यकता नहीं है किन्तु शुष्क मौसम में दूसरे दिन ड्रिप सिंचाई से मिट्टी को गीला रखा गया। डैगन फ्रूट में खरपतवार नियंत्रण भी आवश्यक है और वीड मैट के प्रयोग से खरपतवार में कमी देखी गयी और मृदा नमी संरक्षण भी पाया गया। आठ महीने में डैगन फ्रूट की बेलें घनी होकर झूलने लगीं।

Dragon fruit – a potential high value crop for diversification in Bay Islands

मार्च, 2016 (9 महीने बाद) लाल और सफेद गूदे वाले डैगन फ्रूट में फूल आने शुरू हो गये। फूल आने के 25-35 दिन में यह पककर तैयार हो जाता है। चमकीले हरे रंग से यह फल पकने पर लाल हो जाता है। स्थानीय बाजार में बेचने के लिए रंग बदलने के 3-4 दिन बाद फल तोड़ लेने चाहिए। किन्तु लम्बी दूरी/निर्यात हेतु रंग बदलते ही फल तोड़ लेने चाहिए। हमारे संस्थान में जून, 2016 से फलों की तुड़ाई की गयी। केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान में जैविक कृषि क्रियाओं से डैगन फ्रूट उगाया गया। इसे लगाने की शुरुआती लागत अधिक थी किन्तु लगाने के बाद 20 वर्ष तक फसल ली जा सकती है। फसल के रखरखाव की लागत ही केवल आती है। डैगन फ्रूट सेहत के लिए बेहद लाभकारी होने के कारण इसकी स्थानीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बेहद मांग है।

Dragon fruit – a potential high value crop for diversification in Bay Islands

द्वीपीय क्षेत्र में भी इसकी मांग बहुत है और इसकी कीमत 200-250 रू. प्रति कि.ग्रा. है। द्वीपीय क्षेत्र में किसानों और उद्यमियों के लिए डैगन फ्रूट की खेती काफी लाभदायक साबित हो सकती है। जल्द लाभ देने वाली यह फसल दूसरे साल से ही आमदनी देती है।

केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने डैगन फ्रूट के फार्म प्रदर्शन द्वारा 9 अगस्त, 2016 को इसे किसानों में लोकप्रिय बनाने की कोशिश की है। दक्षिणी अण्डमान से 52 किसानों ने इस कार्यक्रम में भागीदारी की। किसानों ने जैविक खेती द्वारा विकसित डैगन फ्रूट के स्वाद को पसंद किया और लगाने की विधि सीखी।

(स्रोत: भाकृअनुप: केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पोर्ट ब्लेअर)