टीएसपी के तहत गारो हिल्स में दलहन को प्रोत्साहन

1 अगस्त, 2016, उमियाम

उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर द्वारा दलहन की पोषकता एवं खाद्य सुरक्षा, लाभ तथा सतत खाद्य उत्पादन में योगदान और लाखों छोटे किसानों की आजीविका के मद्देनजर किसान समुदाय में दलहन के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए पहल की गई है। इस विषय पर कृषि विज्ञान केन्द्र, उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भाकृअनुप के केन्द्र द्वारा ‘गारो हिल्स में दलहन को प्रोत्साहन’ सामुदायिक हॉल, मेन्डाल, उत्तरी गारो हिल्स में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. तन्मय समजदार (कार्यक्रम समन्वयक, केवीके) ने अपने संबोधन में गारो हिल्स में दलहनी फसलों की खेती को महत्वपूर्ण बताया तथा खरीफ-पूर्व हरे चने और रबी में काले चने व मसूर की खेती पर जोर दिया। श्री डी.डी. संगमा, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ( सहायक उपायुक्त, उत्तरी गारो हिल्स) में इस विषय पर बोलते हुए आश्वस्त किया कि भविष्य में हर संभव सहायता प्रदान की जायेगी। श्री संगमा ने केवीके से आग्रह किया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम जिले के दूसरे हिस्सों में भी आयोजित किए जाए। कार्यक्रम के दूसरे वक्ताओं ने दैनिक जीवन में दाल के महत्व व अन्य किस्मों की दलहनी खेती की तकनीकों पर जोर दिया। सभा में उपस्थित किसानों ने केवीके से रबी में दलहन पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित करने का आग्रह किया।

Promotion of Pulses in Garo Hills’ under TSP

(स्रोतः उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, उमियाम)