मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र में बाजरा प्रसंस्करण केंद्र स्थापित

4 नवंबर, 2016, हर्षदिवारी, छिंदवाड़ा

भाकृअनुप - केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल द्वारा गांव-हर्षदिवारी, ब्लॉक-तामिया, जिला-छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश में एक बाजरा प्रसंस्करण केन्द्र (एमपीसी) की स्थापना के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और मशीनें प्रदान की गई हैं।

Millet Processing Center established  in tribal area of Madhya PradeshMillet Processing Center established  in tribal area of Madhya Pradesh

डॉ. के.के. सिंह, निदेशक, आईसीएआर- सीआईएई, भोपाल ने प्रसंस्करण केन्द्र का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के यंत्रीकरण से बाजरा के क्षेत्रफल में वृद्धि होगी।

श्रीमती सरोजनी यूइके, गांव के सरपंच ने प्रसंस्करण केन्द्र के निर्माण पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भले ही मक्का और चावल जैसे अन्य खाद्यान्नों को दैनिक आहार में शामिल न किया जाता हो लेकिन अभी भी बाजरा सामाजिक रीति-रिवाजों में महत्वपूर्ण है।

एमपीसी में सफाई, कंकड़ कटाना, छिलका उतारना, पर्लिंग (अनाज निकालने), अनाज पिसाई, आटा विलगन और पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध है। एमपीसी प्रति घंटे 100 किलो बाजरा के प्रसंस्करण के लिए सक्षम है। इस सुविधा को चुने हुए 10 स्वयंसहायता समूहों द्वारा कस्टम हायरिंग पर इस्तेमाल किया जाएगा और उत्पादन का विभिन्न चैनलों के माध्यम से विपणन किया जाएगा।

यह सुविधा केंद्र यूएनडीपी परियोजना के तहत प्रायोजित और मध्यप्रदेश विज्ञान सभा द्वारा संचालित किया जाएगा।

जनजातीय परिवारों, गैर सरकारी संगठन, नाबार्ड और आईसीएआर-सीआईएई के अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में पर भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप - केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल)