फारमर्स फर्स्ट के तहत क्षेत्रीय समीक्षा बैठक

8 मार्च, 2017, जोधपुर

फारमर्स फर्स्ट के तहत क्षेत्रीय समीक्षा बैठकफारमर्स फर्स्ट (एफएफपी) के तहत प्रमुख पर्यवेक्षक (पीएल) व सह प्रमुख पर्यवेक्षक को-पीआई) संस्थानों (काजरी, सीएसडब्ल्यूआरआई), राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों ( एयू, जोधपुर; जेएएसयू, जूनागढ़; एनएयू, नवसारी) के लिए एक दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन 8 मार्च, 2017 को भाकृअनुप- कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर में किया गया।

डॉ. एस.के. सिंह, निदेशक, अटारी, जोधपुर ने अपने संबोधन में कहा कि केवीके योजना के रूप में फारमर्स फर्स्ट योजना के तहत चुने गए भाकृअनुप के अनुसंधान संस्थानों तथा एसएयू की सहभागिता पर बल दिया। उन्होंने कार्यक्रम के तहत चुने गए कृषक परिवारों को प्रौद्योगिकी चयन, मूल्यांकन व अपनाने संबंधी कार्यों के अतिरिक्त अनुसंधान कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता पर बल दिया ताकि वे टिकाऊ तरीके से अपनी आजीविका कमा सकें। उन्होंने देश में एफएफपी लागू करने और अगले पांच वर्षों में कृषक समुदाय की आय को दोगुना करने के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए प्रमुख प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। डॉ. पी.पी. रोहिल्ला, सदस्य सचिव ने एफएफपी दिशानिर्देशों के अनुसार गठित विभिन्न समितियों के माध्यम से परियोजना की रूपरेखाओं और मूल्यांकन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफएफपी अनूठे कार्यक्रम के साथ समग्र है जिसमें समेकित खेती प्रणाली के आधार पर कई गतिविधियां शामिल हैं। इसमें कृषक परिवारों के साथ भागीदारी मोड में फसल, पशुधन, प्राकृतिक संसाधनों और क्षमता निर्माण आदि से संबंधित हस्तक्षेप शामिल हैं।

बैठक का मुख्य उद्देश्य परियोजनाओं के प्रमुख निरीक्षकों (पीआई) और को-पीआई द्वारा एफएफपी की प्रगति, कार्यप्रणाली और संकेतकों के बारे में परिचित करना था और साथ ही अनुमानित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एफएफपी दृष्टिकोण और दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन तंत्र पर चर्चा करना भी था।

(स्रोत: आईसीएआर-अटारी, जोधपुर)