उत्तरी सिक्किम के जनजातीय किसानों को जैविक फसल उत्पादन का प्रशिक्षण

19 – 21 अप्रैल, 2016, उत्‍तरी सिक्किम

उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, सिक्किम द्वारा जनजातीय उप परियोजना के अंतर्गत निवेश सहायी प्रणाली के साथ-साथ वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार किया गया। इसके लिए  जैविक फसल उत्‍पादन पर प्रगतिशील जनजातीय किसानों में जागरूकता को बढ़ाने और सशक्‍त बनाने के लिए रिन्घिम, मंगन, उत्‍तरी सिक्किम में दिनांक 19 से 21 अप्रैल, 2016 को जैविक फसल उत्‍पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

Training prgramme  on  Organic Crop Production  to North Sikkim Tribal Farmers Training prgramme  on  Organic Crop Production  to North Sikkim Tribal Farmers

श्रीमती अंगुलि लेप्‍चा, जिला अध्‍यक्षा, उत्‍तरी सिक्किम एवं कार्यक्रम की मुख्‍य अतिथि ने अपने संबोधन में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने और जैविक फसल उत्‍पादन के बारे में किसानों को जानकारी देने तथा साथ ही महत्‍वपूर्ण गुणवत्‍ता निवेश प्रदान करने के लिए उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्‍द्र की सराहना की।

सुश्री शेरिंग चोडेन लेप्‍चा, जिला सदस्‍य रिन्घिम नम्‍पाटम, उत्‍तरी सिक्किम ने भी कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में उपस्थित जनों को संबोधित किया।

डॉ. आर.के. अवस्‍थी, संयुक्‍त निदेशक, उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्‍द्र ने जैविक फसल उत्‍पादन प्रशिक्षण में गहन रूचि दिखाने के लिए किसानों की प्रशंसा की और इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आयोजित करने में किए गए प्रयासों के लिए केन्‍द्र के  वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्‍होंने जैविक फसल उत्‍पादन के संबंध में केन्‍द्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

मशरूम उत्‍पादन के लिए स्‍प्रे मशीनों, जैविक रूप से स्‍वीकार्य जैव कीटनाशकों, कवकनाशियों, जैव उर्वरकों, वर्मी कम्‍पोस्‍ट इकाइयों (वर्मीबेड्स) तथा पॉलीथिन; सब्‍जी के बीजों और मशरूम के स्पॉन को किसानों में वितरित किया गया।

इस कार्यक्रम में रिन्घिम, ऊपरी सिंघिक के पचपन प्रगतिशील किसानों तथा कैलो वार्ड का प्रतिनिधित्‍व करने वाले स्‍व: सहायता समूहों ने भाग लिया।

(स्रोत : उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्‍द्र)