मोतीहारी, बिहार में मूल्य् वर्धित मत्य्मा उत्पांदन तैयार करने की मिनी सुविधा

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (CIFT), कोच्चि के विशाखापटनम अनुसंधान केन्‍द्र द्वारा जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत दिनांक 24 – 26 जून, 2015 को मोतीहारी, जिला पूर्वी चम्‍पारण, बिहार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण व प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Mini-Value Added Fish Product Preparation Facility at MotihariMini-Value Added Fish Product Preparation Facility at Motihari

श्री निशात अहमद, निदेशक, मात्स्यिकी विभाग, बिहार सरकार ने अपने उद्घाटन संबोधन में विभिन्‍न प्रशिक्षण व प्रदर्शन कार्यक्रमों के रूप में भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (CIFT) द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि ये बिहार में मात्स्यिकी सेक्‍टर के विकास में अत्‍यधिक लाभदायक है। इन्‍होंने मछलियों को पकड़ने के उपरान्‍त उनके बेहतर रखरखाव की जरूरत बताई और कहा यह न केवल मानव खपत के लिए सुरक्षित होगा बल्कि ऐसा करने से सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों को सुधारने में प्राथमिक उत्‍पादकों को बेहतर मूल्‍य हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

मोतीहारी में मात्स्यिकी की टिकाऊ वृद्धि करने में मदद करने के लिए सुविधाओं को स्‍थापित किया गया है। इससे मछुआरों के बीच उद्यमशीलता कौशल को प्रोत्‍साहित करने और उसका विकास किया जाता है।

डॉ. एम.एम. प्रसाद, प्रधान वैज्ञानिक ने अपनी टीम सदस्‍यों श्री ए.के. पाणिग्रही, वरिष्‍ठ तकनीकी अधिकारी; श्री डी. राउत, तकनीकी अधिकारी; तथा श्री जी. भूषण, तकनीशियन ने मात्स्यिकी विभाग, बिहार सरकार, मोतीहारी के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। मात्स्यिकी विभाग की टीम में श्री विनय कुमार, डीएफओ; श्री हरेन्‍द्र प्रसाद, कनिष्‍ठ इंजीनियर; श्री देवेन्‍द्र सिंह, लेखाकार; तथा श्री उमेश पासवान, मात्स्यिकी प्रसार सुपरवाइजर शामिल थे।

इस कार्यक्रम से आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के 68 मछुआरों को लाभ पहुंचा।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (CIFT), कोच्चि)