भाकृअनुप – निवेदी में मूलभूत पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान पर यूएसडीए प्रशिक्षण

मूलभूत पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान और रोग प्रकोप अन्‍वेषण पर पांच दिवसीय यूएसडीए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन संयुक्‍त रूप से संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका के कृषि विभाग (USDA), यूएसए; पशु पालन डेयरिंग एवं मात्स्यिकी विभाग (DADF), भारत सरकार; भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचनाप्रणाली संस्‍थान (ICAR-NIVEDI), बेंगलुरू; तथा दक्षिणी क्षेत्रीय रोग नैदानिकी प्रयोगशाला (SRDDL), बेंगलुरू द्वारा दिनांक 6 – 10 अप्रैल, 2015 को बेंगलुरू में किया गया।

USDA Training on Basic Veterinary Epidemiology at ICAR-NIVEDIUSDA Training on Basic Veterinary Epidemiology at ICAR-NIVEDI

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एच. रहमान, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचनाप्रणाली संस्‍थान (ICAR-NIVEDI), बेंगलुरू तथा डॉ. रोबिन व्‍हाइट, चीफ ऑफ दि स्टॉफ, यूएसडीए और एपीएचआईएस-आईएस (पशु तथा पशु स्‍वास्‍थ्‍य निरीक्षण सेवाएं – अंतर्राष्‍ट्रीय सेवा) ने भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचनाप्रणाली संस्‍थान (ICAR-NIVEDI), बेंगलुरू में दिनांक 6 अप्रैल, 2015 को किया।

डॉ. एच. रहमान, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचनाप्रणाली संस्‍थान, बेंगलुरू ने अपने स्‍वागत संबोधन में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्‍यकता पर बल दिया क्‍योंकि महामारी विज्ञान रोग नियंत्रण कार्यक्रम का एक प्रमुख घटक है। डॉ. रहमान ने भारत में महामारी विज्ञान के क्षेत्र में क्षमता विकास करने में यूएसडीए तथा डीएडीएफ द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। इन्‍होंने प्रतिभागियों से रोग अन्‍वेषण तथा महामारी विज्ञान अध्‍ययन में प्रशिक्षण कार्यक्रम में हासिल ज्ञान को अपनाने का अनुरोध किया। डॉ. रहमान ने कहा कि भारत में पशुधन रोग का प्रकोप राज्‍य से राज्‍य के बीच भिन्‍नता वाला है और इन्‍होंने आशा जताई कि इस प्रशिक्षण से भारत के पशु चिकित्‍सकों को रोग की पहचान करने और उसका प्रभावी तरीके से नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

कंट्री डायरेक्‍टर, यूएसडीए  और एपीएचआईएस-आईएस, भारत, डॉ. स्‍कॉट सैक्‍से; यूएसडीए  – एफिस  पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ऐमी डेल्‍गैडो तथा डॉ. सिन्थिया जॉन्‍सन,  सुश्री राखी मैसन;  एफिस-आईएस, भारत, निदेशक, आईएएच एंड वीबी, डॉ. एस.एम. बायरेगौडा;  संयुक्‍त निदेशक दक्षिणी क्षेत्रीय रोग नैदानिकी प्रयोगशाला, डॉ. एम.डी. वेंकटेश ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान में क्षमता विकास करना था। पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान में यूएसडीए का यह अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसमें भारतीय पशु चिकित्‍सा वैज्ञानिकों तथा फील्‍ड अधिकारियों को भारत में होने वाले खतरनाक पशु रोगों की पहचान करने और उनका मुकाबला करने हेतु प्रशिक्षण देने में विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा कृषि विज्ञान के क्षेत्र में भारत – यूएस सहयोग बढ़ रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 20 राज्‍यों व संघ शासित प्रदेशों से प्रतिभागियों जिनमें, अधिकांशत: पशु चिकित्‍सा अधिकारी थे, ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय पशु चिकित्‍सा महामारी विज्ञान एवं रोग सूचनाप्रणाली संस्‍थान (ICAR-NIVEDI), बेंगलुरू)