"कृत्रिम गर्भाधान व वैज्ञानिक प्रबंधन विधियों द्वारा शूकर प्रजनन को बढ़ावा" विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

भाकृअनुप- उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र अनुसंधान परिसर, नगालैंड केंद्र और केवीके दीमापुर द्वारा संयुक्त रूप से "कृत्रिम गर्भाधान व वैज्ञानिक प्रबंधन विधियों द्वारा शूकर प्रजनन को नगालैंड में बढ़ावा" विषय पर तीन दिवसीय  (20 जुलाई से 22 जुलाई, 2016) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम भाकृअनुप - नागालैंड केंद्र, झरनापानी में शिक्षित बेरोजगार ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

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डॉ. वायरल योर, अतिरिक्त निदेशक, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग, कोहिमा, नगालैंड ने मुख्य अतिथि के तौर अपने संबोधन में शूकर के मांस उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए वैज्ञानिक शूकर पालन अपनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को तीन महीने की आयु वाले संकर शूकर शिशु वितरित किये।

आईसीएआर - नगालैंड केंद्र के संयुक्त निदेशक ने नगालैंड में कृत्रिम गर्भाधान जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकों द्वारा व्यावसायिक स्तर पर शूकर उत्पादन पर बल दिया। उन्होंने शूकर पालन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे उन्नत प्रजनन आधारित विधियों को अपनायें।

मोन, वोखा, जूनहेबोटो, कोहिमा, मेदजीफेमा, दिफुपार और दीमापुर जिलों से 30 शिक्षित बेरोजगार ग्रामीण युवकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप- उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र अनुसंधान परिसर, नगालैंड केन्द्र)