सोलीगास जनजातियों के लिए खेत दिवस व कौशल विकास कार्यक्रम

2 जून, 2016, पोन्नाचि, कर्नाटक

खेत दिवस व क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन पोन्नाचि गांव, माले महादेश्वरा पहाड़ी (लोकप्रिय नाम एमएम हिल्स), जिला- चामाराजनगर, कर्नाटक में किया गया। इसका उद्देश्य मृदा परीक्षण के आधार पर ऊर्वरकों के प्रयोग से है जिससे जनजातीय किसानों के बीच फसल उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। यह कार्यक्रम भाकृअनुप – एआईसीआरपी, एसटीसीआर, एलटीएफई, मृदा संधिपाद (आर्थोपॉड) कीटनाशी एवं संभावित फसलें, यूएसए बेंगलूरू द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

डॉ. टी. शेषाद्रि, निदेशक, यूएसए, बेंगलूरू ने किसानों से आग्रह किया कि आजीविका में सुधार के लिए वे वैज्ञानिक खेती अपनाएं।

Field day-cum-capacity building programme for Soligas TribeField day-cum-capacity building programme for Soligas Tribe

डॉ. प्रदीप डे, परियोजना समन्वयक (एसचीसीआर) ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल उत्पादकता में विकास के लिए लक्षित उत्पादन दृष्टिकोण एवं मृदा स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी।

एमएम पहाडियों के पोन्नाचि, चिकामारूर, ईचाला केब्बे डोडी, सिराना हट्टी, गुंडीसेडू, अस्टूरू, गोटी डिब्बा, केक्केहोला, बांगेले डोड्डी एवं डोनामाडूविना डोडी, कोनानाकेरे गांवों के 250 सोलीगास जनजातीय किसानों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।

250 मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ऊर्वरक आदान, बीज, पौध एवं बाल्टियां किसानों में वितरित की गई।

(स्रोतः अखिल भारतीय समन्वित मृदा परीक्षण फसल अनुक्रिया परियोजना)