30 मई, 2026, रायपुर
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक बैठक के दौरान भाकृअनुप–राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएसएम), रायपुर, की अनुसंधान, विस्तार तथा किसान-केन्द्रित गतिविधियों की समीक्षा की।
श्री ठाकुर ने उभरती कृषि चुनौतियों के समाधान तथा जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में भाकृअनुप-एनआईबीएसएम के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने वैज्ञानिकों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों एवं खेत-स्तरीय हस्तक्षेपों के माध्यम से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुदृढ़ करने का आग्रह किया, ताकि नवाचार प्रभावी रूप से किसानों तक पहुँच सकें और कृषि आय में वृद्धि में योगदान दे सकें।

उन्होंने भारत सरकार के संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान की सफलता पर भी प्रकाश डाला और वैज्ञानिकों से 01 जून से प्रारंभ होने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ के सफल क्रियान्वयन हेतु किसानों के बीच जागरूकता पैदा कर सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
मंत्री का स्वागत करते हुए डॉ. पी.के. राय, निदेशक, भाकृअनुप-एनआईबीएसएम, ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, चल रहे अनुसंधान कार्यक्रमों तथा कृषि उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही पहलों का अवलोकन प्रस्तुत किया।

अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी), जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) तथा उत्तर-पूर्वी पर्वतीय (एनईएच) कार्यक्रमों के अंतर्गत संचालित गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया, जिनका उद्देश्य कृषि समुदायों की क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी प्रसार तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण है।
बैठक में संस्थान के संयुक्त निदेशकों, प्रधान वैज्ञानिकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़)







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