भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया

भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया

1 सितंबर, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद ने आज अपनी स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया, जो भारतीय कृषि में क्षमता निर्माण, अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार प्रबंधन और नीति समर्थन में इसके पांच दशकों के महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक है। भाकृअनुप के पूर्व महानिदेशक पद्म भूषण डॉ. आर. एस. परोदा ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई, जबकि DARE के सचिव और भाकृअनुप के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने समारोह की अध्यक्षता की।

ICAR-NAARM, Hyderabad Celebrates Golden Jubilee Year of Establishment

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. परोदा ने भाकृअनुप-नार्म की उपलब्धियों और राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा प्रणाली (एनएआरईएस) के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव पूंजी के निर्माण की दिशा में इसके निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अकादमी से नवाचार प्रणाली के ढांचे के माध्यम से कृषि पेशेवरों की क्षमता को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए विघटनकारी नवाचार, कृषि दूरदृष्टि, डिजिटल कृषि रणनीतियों और नवाचार-आधारित उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

ICAR-NAARM, Hyderabad Celebrates Golden Jubilee Year of Establishment

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. जाट ने भाकृअनुप-नार्म से अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार को प्रभावी रूप से एकीकृत करते हुए कृषि-खाद्य प्रणालियों के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और प्रसारित करने का आग्रह किया। विभिन्न स्तरों पर कृषि में नेतृत्व को मजबूत करने के लिए अकादमी को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कृषि पेशेवरों के दक्षता-आधारित क्षमता सुदृढ़ीकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

ICAR-NAARM, Hyderabad Celebrates Golden Jubilee Year of Establishment

भाकृअनुप के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. वाई. एस. मलिक ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर भाकृअनुप-नार्म को बधाई दी और क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं नीति समर्थन, शिक्षा तथा कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने में अकादमी के बहुआयामी योगदान को याद किया। उन्होंने भारतीय कृषि में नवाचार प्रबंधन को मजबूत करने के लिए अकादमी के भविष्य के प्रयासों में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

इससे पहले, भाकृअनुप-नार्म के निदेशक डॉ. आर. एम. सुंदरम ने अकादमी की उपलब्धियों का अवलोकन प्रस्तुत किया, जिसमें वर्षों के दौरान इसकी प्रमुख पहलों और उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की प्राथमिकताओं और रणनीतिक मार्गों पर प्रकाश डाला गया।

स्वर्ण जयंती समारोह के हिस्से के रूप में प्रकाशनों का विमोचन किया गया और भाकृअनुप-नार्म के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट साझेदारों को अकादमी में उनके योगदान और जुड़ाव के लिए सम्मानित किया गया।

भाकृअनुप-नार्म के संयुक्त निदेशक डॉ. गोपाल लाल ने गणमान्य व्यक्तियों और एनएआरईएस के अंतर्गत अनुसंधान, शिक्षा एवं क्षमता निर्माण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कृषि-व्यवसाय उद्योग के प्रतिभागियों का स्वागत किया।

स्वर्ण जयंती समारोह ने भाकृअनुप-नार्म की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया और सक्षम मानव संसाधन विकसित करने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा एक सुदृढ़ और प्रगतिशील भारतीय कृषि के लिए कृषि अनुसंधान एवं प्रबंधन को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)

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