केवीके घंटासाला में अल नीनो जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

केवीके घंटासाला में अल नीनो जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

4 सितंबर, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद, के अंतर्गत कृषि विज्ञान केद्र, घंटासाला, कृष्णा जिला द्वारा आज अल नीनो जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खड़ी फसलों पर अल नीनो के संभावित प्रभाव के बारे में किसानों में जागरूकता बढ़ाना तथा वर्तमान फसल मौसम के लिए समय पर प्रबंधन उपायों और आगामी रबी मौसम की तैयारियों को बढ़ावा देना था।

मुख्य अतिथि, डॉ. मंडली बुद्ध प्रसाद, विधायक, अवनिगड्डा निर्वाचन क्षेत्र, ने इस महत्वपूर्ण कृषि अवधि के दौरान कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर जोर दिया और किसानों से उभरती फसल संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए केवीके घंटासाला द्वारा प्रदान किए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन और सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने का आग्रह किया।

El Niño Awareness Programme Organized at KVK Ghantasala

डॉ. शेख एन. मीरा, निदेशक, भाकृअनुप–अटारी, जोन X, हैदराबाद, भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने जिले की कृषि स्थिति और फसल प्रतिरूप से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला तथा अल नीनो की परिस्थितियों के प्रति लचीलापन मजबूत करने के लिए एकीकृत फसल और कृषि प्रबंधन रणनीतियों पर तकनीकी व्याख्यान दिया।

डॉ. पी. वी. सत्यनारायण, कुलपति, आचार्य एन. जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय, लाम, गुंटूर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। किसानों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने जिले में वर्तमान फसल स्थितियों की समीक्षा की और कृषि उत्पादन पर अल नीनो के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए उपयुक्त प्रबंधन प्रथाओं और आकस्मिक उपायों को अपनाने पर जोर दिया।

तकनीकी सत्रों में फसल विविधीकरण, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन तथा जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया। किसान–वैज्ञानिक संवाद के दौरान किसानों ने खेतों की वर्तमान परिस्थितियों से संबंधित अपनी चिंताएं साझा कीं। वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने खड़ी फसलों के लिए फसल-विशिष्ट परामर्श तथा आगामी रबी मौसम के लिए फसल नियोजन पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

El Niño Awareness Programme Organized at KVK Ghantasala

विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें प्रसार निदेशक, अनुसंधान निदेशक, कृषि अधिष्ठाता, परीक्षा नियंत्रक और कृषि अभियांत्रिकी अधिष्ठाता शामिल थे, ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में कृष्णा जिले के लगभग 1,250 किसान और कृषि एवं संबद्ध विभागों के 100 से अधिक अधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम ने समय पर परामर्श एवं जलवायु-अनुकूल कृषि तैयारियों में सहयोग के लिए विश्वविद्यालय, संबंधित विभागों, किसान संगठनों और कृषक समुदाय के बीच समन्वय को मजबूत किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद)

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