प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसानों को बढ़ावा - कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री

15 जुलाई, 2016, हैदराबाद

श्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने 15 जुलाई, 2016 को भाकृअनुप – राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन संस्थान (नार्म), हैदारबाद में 104वें कृषि अनुसंधान सेवा के लिए फाउन्डेशन कोर्स (एफओसीएआरएस-104) का शुभारंभ किया।

Enhance Farmers' through technology says Union Minister for Agriculture and Farmers WelfareEnhance Farmers' through technology says Union Minister for Agriculture and Farmers Welfare

कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषि एवं किसानों के सतत विकास के लिए कई कदम उठाये गये हैं। उन्होंने सरकार द्वारा जारी विभिन्न कार्यक्रमों जैसे, मिट्टी की उर्वरकता में सुधार लाने के लिए ‘मृदा स्वास्थ कार्ड’ , जैविक खेती को सहयोग देने के लिए ‘परंपरागत कृषि विकास योजना’, सिंचाई सुविधा में सुधार के लिए ‘प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना’, जल के उपयोग की क्षमता बढ़ाने के लिए ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ के साथ ही किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए एकीकृत ‘राष्ट्रीय कृषि बाजार’ के बारे में जानकारी दी।

मंत्री महोदय ने ‘प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना’ के बारे में विस्तार से बताया जो मौसम के जोखिम से किसानों का बचाव करती है। सूचना एवं संचार तकनीक का प्रयोग ज्ञान के प्रसार के साथ ही आर्थिक लाभ में भी सहयोगी है। उन्होंने बताया कि आज के समय में किसान ‘फार्मर्स पोर्टल’, मोबाइल एसएमएस आधारित सेवा ‘एमकिसान’, ‘किसान कॉल सेंटर’ और ‘डीडी किसान’ टी.वी. चैनल आदि का उपयोग आसानी से कर रहे हैं। श्री सिंह ने ‘राष्ट्रीय कृषि बाजार’ के बारे में भी बताया जिसके माध्यम से देश के 585 विनियमित बाजारों में ‘कॉमन ईमार्कर प्लेटफार्म’ स्थापित किए जायेंगे।  इसके साथ ही उन्होंने प्रशिक्षुओं और वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि किसानों के लाभ के लिए प्रयोगशालाओं की तकनीकों को खेतों में लोकप्रिय करने में सहायता करें।

इस अवसर पर मंत्री महोदय ने भाकृअनुप – नार्म में तेलंगाना राज्य के अधिकारियों, भाकृअनुप हैदराबाद के संस्थानों के निदेशकगणों एवं राजकीय विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों के साथ बैठक की। इस बैठक में राज्य के किसानों के साथ भारत सरकार द्वारा सहयोग एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किए गए।

डॉ. डी रामा राव, निदेशक, भाकृअनुप – नार्म के सभा में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।

(स्रोतः भाकृअनुप, हैदराबाद)