अटारी, जबलपुर की 23वीं क्षेत्रीय केवीके कार्यशाला

3 सितंबर, 2016, खोरदा

23rd Zonal KVK workshop of ATARI, Jabalpur श्री धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) द्वारा भाकृअनुप - कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के तहत अटारी की 23वीं क्षेत्रीय केवीके कार्यशाला का उद्घाटन किया गया।

श्री प्रधान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फसल अवशेष और कृषि अवशेष संरक्षण द्वारा बायोगैस व जैव-ईंधन के निर्माण हेतु प्रायोगिक योजना के लिए तीन राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों को 2-2 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने पूरे देश में स्थित 5,500 पेट्रोल पंपों को किसानों के लिए ज्ञान वितरण केंद्र के रूप में प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों की सफलता गाथा पर आधारित केवीके द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के सूचना प्रबंधन तंत्र पर आधारित वेब पोर्टल को भी जारी किया।

डॉ. ए.के. सिंह, उपमहानिदेशक, कृषि विस्तार ने कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी।

डॉ. एस. पशुपालक, कुलपति, ओयूएटी, उड़ीसा ने केवीके की उपलब्धियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी तथा राज्य की कृषि से संबंधित समस्याओं के बारे में बताया।

डॉ. अनुपम मिश्रा, निदेशक, अटारी क्षेत्र-7 ने अपने संबोधन में कहा कि केवीके किसानों के साथ काम करने वाले प्रथम पंक्ति के विस्तार संस्थान हैं साथ ही केवीके किसानों को लाभकारी कृषि में सहयोग भी प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर नवोन्मेषी किसानों को केवीके, खोरदा, अंगुल एवं देवगढ़ द्वारा सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के 100 प्रमुख वैज्ञानिकों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रमुख, 16 भाकृअनुप संस्थानो, 4 एनजीओ अध्यक्ष/प्रमुख, 120 प्रगतिशील किसानो एवं कारपोरेट प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया जिनकी कुल संख्या 250 थी।

(स्रोतः कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर)