17 जून, 2026, मऊ
भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ, द्वारा उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के परदहा ब्लॉक के अलीपुर गाँव में आज 'खेत बचाओ अभियान 2026' के अंतर्गत एक विशेष किसान जागरूकता और विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 45 किसान उपस्थित हुए जिनमे 18 पुरुष और 27 महिला किसान शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान ब्यूरो के वैज्ञानिकों ने किसानों को समझाया कि कैसे सूक्ष्मजीवीय प्रौद्योगिकियों को अपनाकर और नियमित रूप से मिट्टी की जाँच करवाकर भूमि के स्वास्थ्य को सुधारा जा सकता है। इसके साथ ही, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के जरिए फसलों के बेहतर प्रदर्शन और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती के तौर-तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। वैज्ञानिकों और किसानों के बीच हुए सीधे और जीवंत संवाद ने ग्रामीणों को मैदानी स्तर की कृषि चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक तौर-तरीके सीखने में मदद की।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में संस्थान द्वारा तैयार किए गए दो खास जैविक इनपुट्स का वितरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से 'बायो-फॉस' शामिल था, जो मिट्टी में पहले से मौजूद अघुलनशील फास्फोरस को घोलकर पौधों तक पहुँचाने का काम करता है। इस दौरान किसान आगामी धान की रोपाई में बायो-फॉस का इस्तेमाल करने के लिए बेहद उत्सुक दिखाई दिए।
इसके साथ ही, क्षेत्र के अरहर उत्पादक किसानों को दलहनी फसल की बेहतर पैदावार के लिए 'राइजोअरहर' जैव-सूत्रीकरण भी उपलब्ध कराया गया। इस पूरे आयोजन का मुख्य ध्येय किसानों को सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता समझाकर उन्हें ऐसी टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर मोड़ना है जो मिट्टी की उपजाऊ क्षमता एवं फसल उत्पादकता दोनों को बढ़ा सकें।
(स्रोतः भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ)








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