26 अक्टूबर, 2026, अल्मोड़ा
भाकृअनुप–विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस), अल्मोड़ा द्वारा आज जनपद अल्मोड़ा के हवालबाग विकासखंड के ग्राम घनेली में ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

डॉ. लक्ष्मी कांत, निदेशक, भाकृअनुप–वीपीकेएएस, के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान ‘खेत बचाओ अभियान’ के उद्देश्यों एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषकों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य फोकस पशुओं के गोबर के वैज्ञानिक प्रबंधन, उचित भंडारण तथा उससे गुणवत्तायुक्त जैविक खाद तैयार करने एवं खेतों में उसके प्रभावी उपयोग पर रहा। कृषकों को बताया गया कि गोबर को उचित स्थान पर एकत्रित कर सुरक्षित ढंग से भंडारित करना चाहिए, ताकि वर्षा के पानी से पोषक तत्वों के नुकसान को कम किया जा सके। साथ ही, गोबर को उचित तरीके से सड़ाकर तैयार जैविक खाद का खेतों में उपयोग करने से मृदा में जैविक पदार्थ की मात्रा, मिट्टी की संरचना एवं जल धारण क्षमता में सुधार होता है। इसके अतिरिक्त, मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों का प्रबंधन एवं रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान कृषकों ने सिंचाई के लिए पर्याप्त जल संसाधनों की कमी तथा जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान जैसी प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें कृषकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में कुल 16 कृषकों (4 पुरुष एवं 12 महिला) ने प्रतिभागिता की। डॉ. अमित ठाकुर एवं डॉ. रविशंकर द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया गया।
(स्रोतः भाकृअनुप–विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा)








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