भाकृअनुप – गन्नाा प्रजनन संस्थायन, कोयम्बरटूर, तमिलनाडु में एक दिवसीय J-Gate@CeRA उपभोक्ताा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन ।

12 जून, 2015, कोयम्‍बटूर, तमिलनाडु

भाकृअनुप – गन्‍ना प्रजनन संस्‍थान (SBI),  कोयम्‍बटूर, तमिलनाडु ने आज एक दिवसीय J-Gate@CeRA उपभोक्‍ता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।

J-Gate@CeRA User-awareness workshop organized at ICAR-SBIJ-Gate@CeRA User-awareness workshop organized at ICAR-SBI

डॉ. रामेश्‍वर सिंह, परियोजना निदेशक, भाकृअनुप – कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्‍ली ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि वर्षों से हमारे देश के अनुसंधानकर्मियों के लिए एक अनुसंधान व विकास सूचना संसाधन आधार के रूप में CeRA द्वारा सफलतापूर्वक सेवा की जा रही है। 

डॉ. सिंह ने भाकृअनुप – गन्‍ना प्रजनन संस्‍थान,  कोयम्‍बटूर, तमिलनाडु; भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कपास अनुसंधान संस्‍थान – क्षेत्रीय केन्‍द्र; भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान – आईईपी तथा तमिलनाडु कृषि विश्‍वविद्यालय से CeRA का उपयोग करने का अनुरोध करते हुए कहा कि  देश में यूजीसी-इन्‍फोनेट के बाद CeRA सबसे बड़ा ई-रिसोर्स कंसोर्शियम है।  इन्‍होंने कहा कि CeRA की दस्‍तावेज डिलीवरी रिक्‍वेस्‍ट (डीडीआर) एक अनूठी विशेषता है।

CeRA की कुछ नई पहलों जैसे कि इनसाइक्‍लोपीडिया ब्रिटानिका, JoVE तथा कुछ ई-बुक्‍स तक परीक्षण पहुंच पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने  कहा कि अनुसंधान संस्‍थानों को CeRA सुविधा का लाभ उठाने के लिए अपनी नेट कनेक्‍टीविटी में सुधार लाना चाहिए।

डॉ. बक्‍शी राम, निदेशक, भाकृअनुप – गन्‍ना प्रजनन संस्‍थान,  कोयम्‍बटूर, तमिलनाडु ने अपने अध्‍यक्षीय भाषण में कृषि के क्षेत्र में गुणवत्‍ता पत्रिकाओं तक त्‍वरित पहुंच प्रदान करने में CeRA के प्रयासों की सराहना की। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की महत्‍वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को दर्शाने में भाकृअनुप – कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्‍ली द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए डॉ. बक्शी राम ने सुझाव दिया कि अनुसंधानकर्मियों को गूगल जैसे कॉमन सर्च इंजनों के माध्‍यम से खोज करने की बजाय जानकारी का आकलन करने हेतु CeRA की आद्यतन सर्च सुविधा का उपयोग करना चाहिए।

इससे पहले, अपने प्रारंभिक संबोधन में डॉ. डी. पुथिरा प्रताप, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी अधिकारी, भाकृअनुप – गन्‍ना प्रजनन संस्‍थान, पुस्‍तकालय,  कोयम्‍बटूर, तमिलनाडु ने कहा कि कृषि विज्ञान विषय को वर्ष 2007 में CeRA प्रारंभ होने से प्रचुर लाभ मिला है। इन्‍होंने कहा कि अनसाइटिड पेपरों की अधिक संख्‍या जो कि CeRA की पहुंच के साथ कम होगी, ने कृषि विज्ञान को अत्‍यधिक लाभ पहुंचाया है। इन्‍होंने सूचित किया कि वर्ष 2008 से गन्‍ना प्रजनन संस्‍थान में CeRA की यह पांचवीं कार्यशाला है।

डॉ. के. शिवारमन, प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्‍यक्ष, पुस्‍तकालय समिति, भाकृअनुप – गन्‍ना प्रजनन संस्‍थान (SBI),  कोयम्‍बटूर, तमिलनाडु  ने औपचारिक रूप से धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया जबकि डॉ. आर.एस. राणा, प्रभारी, CeRA, नई दिल्‍ली ने कार्यशाला के पारस्‍परिक सत्रों का समन्‍वय किया।

इस कार्यशाला को इन्‍फार्मेटिक्‍स इंडिया लि., बेंगलुरू द्वारा आयोजित किया गया जिसमें लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्‍ली )