किसान सम्मान निधि के कार्यक्रम में बाड़ी रायसेन से शामिल हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान

किसान सम्मान निधि के कार्यक्रम में बाड़ी रायसेन से शामिल हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प. बंगाल से देशभर के किसानों के खातों में डाली 18,880 करोड़ रु. की सम्मान राशि

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीस्टैक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के शुभारंभ के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की प. बंगाल के अन्नदाताओं के लिए नई कृषि क्रांति की शुरुआत

बाड़ी, रायसेन से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश– हर पात्र किसान को पूरा सम्मान और समर्थन

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से भोजपुर क्षेत्र की 31 सड़कों की दी स्वीकृति

‘मामा कोचिंग क्लास’ रायसेन में भी शुरू करने और आगे चलकर ‘कैरियर काउंसलिंग सेंटर’ भी शुरू करने की शिवराज सिंह ने की घोषणा

हर बहन बनेगी ‘लखपति दीदी’, हर गरीब को पक्का मकान देने का संकल्प- शिवराज सिंह चौहान

नशामुक्ति, अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ जिला प्रशासन व समाज की संयुक्त मुहिम चलाने का शिवराज सिंह ने किया आह्वान

कम बारिश की आशंका पर केंद्र–राज्य सरकार का साझा कंटिजेंसी प्लान, किसानों को समय रहते सावधान रहने की शिवराज सिंह ने की अपील

20 जून 2026,हुगली/रायसेन/भोपाल/नई दिल्ली

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के देशव्यापी कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से 18,880 करोड़ रुपये सीधे 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ट्रांसफर कर देश के अन्नदाताओं को एक और बड़ा आर्थिक संबल दिया।इसी कार्यक्रम से उन्होंने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीस्टैक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी कई अहम कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की शुरुआत की, जिससे किसानों की आय सुरक्षा, प्राकृतिक खेती, डिजिटल एग्रीकल्चर और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति मिलने जा रही है। 

 

इसी राष्ट्रीय आयोजन से वर्चुअल रूप से जुड़े बाड़ी (जिला रायसेन, मध्य प्रदेश) में आयोजित जनकल्याण शिविर में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री के विजन को जमीन पर उतारने के लिए 31 नई ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति, मूंग खरीदी की मंजूरी, पीएम आवास योजना के तहत हर पात्र परिवार को पक्का मकान, लाडली बहना और ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सूखे की आशंका के बीच किसानों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक कंटिजेंसी प्लान का ऐलान किया।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और नई कृषि–ग्रामीण योजनाएँ

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने तारकेश्वर, प. बंगाल से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की, जिसके तहत 18,880 करोड़ रु. से अधिक राशि डीबीटी के माध्यम से देशभर के किसानों के खातों में भेजी गई। इस किस्त से अकेले पश्चिम बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों को 900 करोड़ रु. से ज्यादा की सहायता मिलेगी, जबकि पूरे देश में 2019 से अब तक पीएम किसान के तहत 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इसी मंच से प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित वेदर-बेस्ड क्रॉप इंश्योरेंस स्कीम के क्रियान्वयन की शुरुआत करते हुए 2026–27 में करीब 14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 50 लाख किसानों को 28,140 करोड़ रु. से अधिक की फसल बीमा सुरक्षा देने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने एग्रीस्टैक के माध्यम से डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत 17,300 हेक्टेयर में 346 नैचुरल फार्मिंग क्लस्टर और प्रधानमंत्री धन–धान्य कृषि योजना के जरिए पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और जहारग्राम जिलों में सिंचाई, फसल विविधीकरण, पोस्ट–हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने वाली योजनाओं का भी शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इसके साथ ही फ्रेजरगंज मछली बंदरगाह और सैंथिया के आधुनिक फिश मार्केट का उद्घाटन, हरींगहाटा में देश के पूर्वी हिस्से की पहली बकरी वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला की शुरुआत और 590 करोड़ रु. से अधिक लागत की रेल परियोजनाओं के साथ 315 किलोमीटर से ज्यादा लंबाई की 49 पीएमजीएसवाई–III ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन कर प. बंगाल सहित पूरे पूर्वी भारत के लिए विकास का बड़ा रोडमैप रखा।

बाड़ी, रायसेन के जनकल्याण शिविर से शिवराज सिंह चौहान का संदेश

प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े बाड़ी (जिला रायसेन) में आयोजित जनकल्याण शिविर के साथ राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों, बहनों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र से मिलने वाले 6000 रु. के साथ मध्य प्रदेश सरकार भी उतनी ही राशि जोड़कर राज्य के किसानों को हर साल 12,000 रु. की सीधी सहायता दे रही है, ताकि खेती के जोखिम कम हों और परिवार को नियमित सहारा मिल सके।

 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि बाड़ी का यह शिविर केवल भाषण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आए हर आवेदन पर कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ पहुंचाया जाएगा, ताकि ‘रामराज्य’ और सुशासन की अवधारणा जमीन पर दिखाई दे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं– चाहे वह किसान क्रेडिट कार्ड हो, फसल बीमा योजना हो या विभिन्न पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम– का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा और कोई भी योग्य हितग्राही वंचित नहीं रहेगा।

सड़कों की बड़ी सौगात और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे पर फोकस

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने भोजपुर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 31 नई सड़कों की स्वीकृति की घोषणा की और कहा कि इन सड़कों के निर्माण से छोटे-छोटे गाँव, टोले और बस्तियाँ मुख्य सड़कों से जुड़ेंगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि सड़क समृद्धि की सहचरी है और इसी सोच के साथ केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से गांव–गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचा रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रायसेन जिले में अब तक स्वीकृत 1.36 लाख से अधिक मकानों में से 1.08 लाख से ज्यादा मकान पूरे हो जाने की जानकारी देते हुए बताया कि हाल के सर्वे में चिन्हित 1.37 लाख कच्चे मकानों का भौतिक सत्यापन कर हर पात्र परिवार को पक्का मकान देने का अभियान तेज किया जाएगा। शिविर में मौजूद सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से उन्होंने अपील की कि वे गांव–गांव में बैठकों के माध्यम से नई ‘विकसित भारत जी–राम जी योजना’ के तहत मिलने वाले 7500 करोड़ रु. (9 माह के लिए, मध्य प्रदेश हिस्से) का उपयोग स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तय करें, ताकि सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल और अन् मूलभूत सुविधाएं गांव की प्राथमिकता के अनुसार विकसित हो सकें।

   

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि 'विकसित भारत जी–राम जी योजना' के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर में 75 लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश का लक्ष्य है, जिससे ग्राम स्तर पर विकास के लगभग सभी लंबित कार्य पूरे करने का रोडमैप तैयार हो चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि सरपंचों की विस्तृत कार्यशाला आयोजित कर उन्हें उन कार्यों की पूरी सूची और प्रक्रियाएं समझाई जाएं, जिन्हें ग्राम सभा स्वयं तय कर सकती है, ताकि योजना की शुरुआत के पहले दिन से ही गांवों में काम तेज गति से शुरू हो सके।

किसान हितों की सुरक्षा: मूंग खरीदी, बीमा, सूखा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण

श्री चौहान ने मंच से घोषणा की कि म.प्र. सरकार ने केंद्र से मूंग खरीदी की अनुमति मांगी थी, बाड़ी की धरती से ही मूंग खरीदी की औपचारिक स्वीकृति दी जा रही है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल सकेगा। उन्होंने मूंग को प्रदेश की तीसरी फसल बताते हुए कहा कि इसी ने कई किसानों की आर्थिक स्थिति बदली है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार का संकल्प है कि किसानों के पसीने की हर बूंद की पूरी कीमत दी जाए और एमएसपी पर पारदर्शी खरीद सुनिश्चित हो।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड अभियान को तेज करने और फसल बीमा योजना में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की अपील की, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और बाजार के उतार–चढ़ाव से होने वाले नुकसान से किसानों की आय सुरक्षित रह सके। उन्होंने मौसम वैज्ञानिकों के अनुमानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार अलनीनो प्रभाव के कारण कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका है, इसलिए राज्यवार कंटिजेंसी प्लान तैयार कर किसानों को फसल चयन, बीज, नमी संरक्षण और जल प्रबंधन की वैज्ञानिक सलाह दी जाएगी, ताकि कम वर्षा की स्थिति में भी उत्पादन और आय पर न्यूनतम असर पड़े।

   

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए श्री चौहान ने ‘लाडली बहना’ योजना को पूरे देश के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि म.प्र. में बहनों को हर महीने 1500 रु. की सहायता दी जा रही है, जिसे धीरे–धीरे बढ़ाकर 3000 रु. तक ले जाने का लक्ष्य है, ताकि बहनों को सम्मानपूर्वक आर्थिक स्वावलंबन मिल सके। उन्होंने आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हर बहन को ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प दोहराया और बताया कि समूहों में न जुड़ी सभी गरीब बहनों को जोड़कर उनकी ट्रेनिंग, बैंक लिंकिंग, लोन और मार्केटिंग की समन्वित व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनकी सालाना आमदनी कम से कम 1 लाख रु. तक पहुंच सके।

युवाओं, गरीब परिवारों और सामाजिक सुधारों पर विशेष बल

शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों के लिए विदिशा में प्रारंभ की गई ‘मामा कोचिंग क्लास’ को रायसेन में भी शुरू करने और आगे चलकर ‘कैरियर काउंसलिंग सेंटर’ शुरू करने की घोषणा की, ताकि सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी के साथ–साथ स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और निजी सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप स्किल्ड मैनपावर तैयार की जा सके। उन्होंने उद्योग संगठनों के साथ मिलकर ऐसे कोर्स शुरू करने की बात कही, जिनसे युवाओं को बेहतर वेतन वाली नौकरियों और उद्यमिता के अवसर मिलें।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने दिव्यांगजनों के लिए बैटरी–चालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और टाटा कैंसर अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा की जा रही जांच–उपचार व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सेवा–कार्य ही उनके लिए राजनीति का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने नशा मुक्ति, अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन व समाज की संयुक्त मुहिम चलाने का आह्वान किया और ग्राम स्तर पर समितियां बनाकर जन–जागरण, शिकायत और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री की एक देश–एक चुनाव की अवधारणा का समर्थन करते हुए लोगों से अपील की कि वे बार–बार के चुनावी खर्च व प्रशासनिक बाधाओं से मुक्त होकर विकास–केन्द्रित राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए इस महत्त्वपूर्ण सुधार के साथ खड़े हों। साथ ही उन्होंने किसानों, बहनों और युवाओं को नशामुक्त समाज और बेटियों का सम्मान करने का संकल्प भी दिलाया।

(स्रोतः कृषि भवन, नई दिल्ली)

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