8 अक्टूबर, 2026, भोपाल
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद फतेहपुर (उ.प्र.) के कृषि विभाग के 13 तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एक दल ने आज भोपाल स्थित केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई) के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण प्रभाग का दौरा किया। इस ऑनसाइट अध्ययन (एक्सपोजर) विजिट का मुख्य उद्देश्य श्री अन्न (मिलेट्स) उत्पादन की मशीनीकरण तकनीक, प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन से जुड़ी तकनीकी का प्रशिक्षण प्राप्त करना था।

कार्यक्रम के दौरान दल ने संस्थान के ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन मिलेट्स तथा कृषि प्रसंस्करण एवं उत्पाद प्रभाग का दौरा किया। डॉ. एस. मंगराज, प्रभाग के अध्यक्ष व मुख्य अन्वेषक, तथा उनकी टीम द्वारा उत्तर प्रदेश से आए अधिकारियों को मिलेट प्रोसेसिंग की आधुनिक मशीनरी और मूल्य संवर्धित उत्पादों के विकास की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण दौरा के दौरान अधिकारियों को ग्लोबल सेंटर की मिलेट प्रोसेसिंग लैब का विशेष दौरा कराया गया। यहाँ दल को विभिन्न प्रकार के मिलेट आधारित उत्पाद चखाए गए, जिनकी उन्होंने काफी सराहना की। इसके साथ ही अधिकारियों को विशेष लीफलेट्स (सूचना पत्रक) भी प्रदान किए गए, जिसमें कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली लगभग 100 से अधिक आधुनिक मशीनरी की विस्तृत जानकारी शामिल है। प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश से आए इस दल को संस्थान की विभिन्न उन्नत प्रयोगशालाओं एवं पायलट प्लांट्स का भ्रमण कराया गया।

डॉ. एस. मंगराज ने चर्चा के दौरान मिलेट्स (मोटे अनाज) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मिलेट्स हमारे पूर्वजों के दशक से हमारे आहार का मुख्य हिस्सा रहे हैं। पोषण और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आज के समय में भी हम सभी को अपने दैनिक जीवन में मिलेट्स का उपयोग अनिवार्य रूप से दोबारा शुरू करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश से आए तकनीकी अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि यहाँ सीखी गई तकनीकों को वे अपने क्षेत्र के किसानों तक पहुँचाकर उनके क्षमतावर्धन में सहयोग करेंगे।
(स्रोतः भाकृअनुप- केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान,भोपाल)








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