15 अक्टूबर 2026, अल्मोड़ा
भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में संस्थान के निदेशक डॉ लक्ष्मीकान्त के निर्देशन में आज महिला किसान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि एवं ग्रामीण विकास में महिला कृषकों के योगदान को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि आधारित आजीविका के विकल्पों और उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ वसुधा पंत, अध्यक्ष, अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, अल्मोड़ा, उत्तराखंड ने सभी महिला उद्यमियों के प्रयासों एवं उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने उपस्थित महिला कृषकों को महिला वक्ताओं के अनुभवों से सीख लेने तथा उनसे प्रेरणा प्राप्त कर कृषि एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
स्वागत संबोधन में डॉ कुशाग्रा जोशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सामाजिक विज्ञान अनुभागाध्यक्ष ने कृषि में महिलाओं की त्रिस्तरीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृषि कार्यों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान के साथ-साथ उनके समक्ष विद्यमान चुनौतियों, विशेषकर कार्यभार, समय की कमी, श्रमसाध्य कृषि कार्यों तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी से जुड़े मुद्दों को रेखांकित किया।
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार ने संस्थान की कार्यशाला में महिला-अनुकूल कृषि यंत्रीकरण तथा श्रम एवं समय की बचत करने वाली कृषि तकनीकों का प्रायोगिक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मिलेट थ्रेशर, मक्का शेलर एवं पैडी थ्रेशर जैसी कृषि मशीनों की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर श्रीमती सुनीता कश्यप, प्रबंध निदेशक, उमंग महिला प्रोड्यूसर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, श्रीमती प्रीति भण्डारीए संस्थापक, हिमगिरि नेचुरल प्राइवेट लिमिटेड, अल्मोड़ा, श्रीमती लीला देवी, कुमाऊँ खंड एग्रो इनोवेशन्स एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड तथा श्रीमती नमिता टम्टा, सह-संस्थापक, बाबा एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने अपने उद्यमशीलता के अनुभवों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिला कृषकों को कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आजीविका के नए अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

संस्थान के फसल सुरक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉण् कृष्ण कान्त मिश्रा ने ‘महिला कृषकों के लिए आजीविका के विकल्प मशरूम एवं मधुमक्खी पालन’ विषय पर व्याख्यान दिया।
संस्थान के फसल उत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बृज मोहन पाण्डेय ने महिला कृषकों की समस्याओं, आवश्यकताओं एवं तकनीकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
संस्थान के फसल सुधार विभागाध्यक्ष डॉ निर्मल कुमार हेडाऊ ने महिला कृषकों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ने, नवीन तकनीकों को अपनाने तथा कृषि एवं कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कृषि एवं कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए 3 स्वयं सहायता समूहों, 1 किसान उत्पादक संगठन (FPO) तथा 4 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया।
धन्यवाद प्रस्ताव वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कामिनी बिष्ट ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में कुल 98 कृषक महिलाओं ने सहभागिता की।
(भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा)








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