भाकृअनुप-एनबीएफजीआर, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश में किसानों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए बायोफ्लॉक आधारित मत्स्य पालन पर प्रशिक्षण आयोजित किया

भाकृअनुप-एनबीएफजीआर, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश में किसानों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए बायोफ्लॉक आधारित मत्स्य पालन पर प्रशिक्षण आयोजित किया

पांच मछुआरा महिलाओं सहित 26 प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक और सतत जलीय कृषि पद्धतियों में प्रशिक्षण प्राप्त किया

7–9 अक्टूबर, 2026, लखनऊ

भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूपीसीएसटी) के सहयोग से 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक “आजीविका और आय सृजन के लिए स्ट्राइप्ड मुरेल (चन्ना स्ट्रिएटा) का बायोफ्लॉक आधारित पालन” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के तकनीकी कौशल को मजबूत करना और सतत जलीय कृषि तथा आय सृजन के लिए वैज्ञानिक मत्स्य पालन पद्धतियों को बढ़ावा देना था। प्रशिक्षण में बायोफ्लॉक प्रौद्योगिकी के सिद्धांतों, जल गुणवत्ता प्रबंधन, मत्स्य स्वास्थ्य, आहार पद्धतियों और स्ट्राइप्ड मुरेल पालन के व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया।

मछुआरा महिलाओं की भागीदारी ने समावेशी क्षमता निर्माण और मत्स्य पालन आधारित आजीविका गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर कार्यक्रम के फोकस को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पांच मछुआरा महिलाओं सहित कुल 26 प्रतिभागियों ने बायोफ्लॉक आधारित मत्स्य पालन का वैज्ञानिक और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण में भाग लिया।

ICAR-NBFGR, Lucknow Organises Training on Biofloc-Based Fish Farming to Promote Farmers’ Livelihoods in Uttar Pradesh

यह कार्यक्रम डॉ. काजल चक्रवर्ती, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएफजीआर, के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को उन्नत जलीय कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करने पर जोर दिया गया।

समापन सत्र 9 अक्टूबर 2026 को यूपीसीएसटी, लखनऊ के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.के. श्रीवास्तव और उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग के उप निदेशक (योजना) डॉ. एजाज अहमद नकवी के साथ आईसीएआर-एनबीएफजीआर के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

यह पहल वैज्ञानिक जलीय कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, किसानों की क्षमताओं को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश में बेहतर आजीविका एवं आय सृजन के लिए मत्स्य पालन आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के भाकृअनुप-एनबीएफजीआर के प्रयासों को दर्शाती है।

(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ)

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