29 सितंबर, 2026, पिपराकोठी, मोतिहारी
भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीएमएफआरआई), पिपराकोठी, मोतिहारी में 14 से 28 सितंबर, 2026 तक हिंदी पखवाड़ा–2026 का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। पखवाड़े का उद्देश्य संस्थान के वैज्ञानिक, प्रशासनिक, तकनीकी एवं अन्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कार्मिकों में राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाना था।
हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के उप-सेनानायक श्री राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

पखवाड़े के दौरान हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने तथा कार्मिकों की रचनात्मक एवं कार्यालयीन हिंदी लेखन क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें हिंदी निबंध लेखन, वाद-विवाद, आशुभाषण, काव्य पाठ तथा हिंदी टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन प्रमुख रहे। संस्थान के वैज्ञानिकों, प्रशासनिक एवं तकनीकी कर्मचारियों तथा अन्य कार्मिकों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी भाषायी एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
22 सितंबर 2026 को आयोजित विशेष कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल के उप महानिरीक्षक श्री के. रंजीत तथा श्री प्रफुल्ल कुमार, सेनानायक की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया तथा कार्यालयीन कार्यों और दैनिक संवाद में सरल एवं सहज हिंदी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
हिंदी पखवाड़े का समापन समारोह 28 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), पिपराकोठी के वरिष्ठ वैज्ञानिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों को अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों, पत्राचार, टिप्पणी, प्रारूप लेखन एवं अन्य गतिविधियों में हिंदी का निरंतर और प्रभावी प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. राघवेंद्र सिंह, निदेशक, भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान ने कहा कि राजभाषा हिंदी वैज्ञानिक ज्ञान, कृषि प्रौद्योगिकियों और संस्थागत गतिविधियों को किसानों एवं आमजन तक सरल और प्रभावी रूप में पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने संस्थान के सभी कार्मिकों से आग्रह किया कि वे हिंदी के प्रयोग को केवल हिंदी पखवाड़े तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक कार्यालयीन एवं वैज्ञानिक संचार का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
डॉ. लामेला ओझा, हिंदी अधिकारी एवं समन्वयक, हिंदी पखवाड़ा–2026 आयोजन समिति ने कहा कि पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का उद्देश्य कार्मिकों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ कार्यालयीन कार्यों में इसके व्यावहारिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से राजभाषा हिंदी के निरंतर उपयोग और उसके प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
हिंदी पखवाड़ा–2026 का आयोजन डॉ. राघवेंद्र सिंह के समग्र मार्गदर्शन में तथा डॉ. लामेला ओझा, हिंदी अधिकारी एवं समन्वयक के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य कार्मिकों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर हिंदी के महत्व तथा सरकारी एवं कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा के प्रभावी प्रयोग पर विशेष बल दिया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी)







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