कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डेयर) - भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) और पूरे भारत में स्थित इसके विभिन्न संस्थान एवं शाखाएं विभिन्न पहलों के माध्यम से स्वच्छता और साफ-सफाई को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। विशेष रूप से, इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान नागरिकों को “स्वच्छता” की भावना से जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है। स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयास उत्साहजनक हैं।

अभियान के तहत, डेयर और भाकृअनुप तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित इसके विभिन्न संस्थानों द्वारा और वहां के विभिन्न विद्यालयों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया, ताकि स्कूली बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता से जोड़ने के लिए सबसे अनूठी और प्रेरणादायक पहलों का पता लगाया जा सके।
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, गुवाहाटी, उत्तरी सिक्किम के विशेषज्ञों की टीम ने कृषि विज्ञान केन्द्र, उत्तरी सिक्किम में विद्यार्थियों को स्वच्छता और वर्मी कम्पोस्टिंग के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक एक्सपोजर विजिट आयोजित करके एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की।

भाकृअनुप के पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र (एनईएच), मेघालय, शिलांग में कृषि विज्ञान केन्द्र, री भोई ने भी केवीके के आसपास के निकटवर्ती गांवों और सड़कों के किनारे स्वच्छता संबंधी पहल आयोजित की। संगठन के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने स्वच्छता पहलों के लिए मिलकर कार्य किया।







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