डॉ. संगप्पा ने भाकृअनुप–केवीके कोडागु में कार्यभार संभाला, किसान-केन्द्रित विस्तार पर ध्यान केन्द्रित

डॉ. संगप्पा ने भाकृअनुप–केवीके कोडागु में कार्यभार संभाला, किसान-केन्द्रित विस्तार पर ध्यान केन्द्रित

16 सितंबर, 2026, गोनीकोप्पल, कोडागु

डॉ. संगप्पा ने डॉ. मुरलीधर बी. एम., वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, CHES, चेट्टल्ली द्वारा कार्यभार सौंपे जाने के बाद भाकृअनुप–केवीके कोडागु के वरिष्ठ वैज्ञानिक-सह-प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। यह जिले में किसान-केन्द्रित कृषि विस्तार, प्रौद्योगिकी प्रसार और क्षमता निर्माण पहलों को मजबूत करने के एक नए चरण की शुरुआत है।

अपने पहले दिन डॉ. संगप्पा ने केवीके के वैज्ञानिकों, तकनीकी, प्रशासनिक और सहयोगी कर्मचारियों के साथ संवाद किया और चल रही गतिविधियों, जिम्मेदारियों, उपलब्धियों तथा चुनौतियों को समझा। टीमवर्क और समन्वय पर जोर देते हुए उन्होंने कर्मचारियों को अपने अनुभव और सुझाव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा कृषि समुदाय की आवश्यकताओं के प्रति विस्तार कार्यक्रमों को अधिक उत्तरदायी बनाने के महत्व पर बल दिया।

कार्यक्रम के तहत भाकृअनुप–भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. तुषार कांति बेहरा ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया और डॉ. संगप्पा को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने किसानों द्वारा अधिक से अधिक अपनाए जाने के लिए भाकृअनुप की प्रौद्योगिकियों के सक्रिय लाइसेंसिंग, प्रसार और व्यापक प्रचार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भाकृअनुप संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और संबंधित विभागों के साथ सहयोगात्मक कार्यक्रमों पर भी जोर दिया।

भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन XI, बेंगलुरु के निदेशक डॉ. प्रभाकर एम. ने कोडागु के GI उत्पादों के दस्तावेजीकरण और प्रचार के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने केवीके में कौशल विकास, उद्यमिता और इनक्यूबेशन गतिविधियों को मजबूत करने पर भी बल दिया।

Dr Sangappa Assumes Charge, Sets Focus on Farmer-Centric Extension at ICAR–KVK Kodagu

केवीके कर्मचारियों के बीच टीमवर्क और समन्वय पर जोर देते हुए निरंतर तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में बाजरा संवर्धन, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता पर भी प्रकाश डाला गया तथा एनएमएनएफ के तहत प्राकृतिक कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए एक बिक्री काउंटर स्थापित करने का सुझाव दिया गया। भाकृअनुप–आईआईएमआर, हैदराबाद की एफपीओ एनईएसटी टीम ने कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लिया, जिससे भाकृअनुप–केवीके कोडागु के साथ संस्थागत संबंध और मजबूत हुए।

डॉ. संगप्पा ने केवीके की चल रही गतिविधियों की समीक्षा की, जिसमें प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, किसान सलाहकार सेवाएं, क्षेत्रीय हस्तक्षेप और हितधारक संपर्क शामिल हैं तथा आगे सुदृढ़ीकरण के लिए मौजूदा सुविधाओं का आकलन किया।

कृषि विस्तार, बाजरा प्रौद्योगिकी प्रसार, एफपीओ विकास, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता के अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने कोडागु में किसानों के प्रभावी प्रौद्योगिकी प्रसार और क्षमता निर्माण के लिए भाकृअनुप संस्थानों तथा अन्य अनुसंधान एवं विकास संगठनों के साथ सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। एक प्रमुख ध्यान छोटे और सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों, महिलाओं, एसएचजी तथा एफपीओ तक लक्षित प्रशिक्षण, प्रदर्शनों, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता पहलों के माध्यम से पहुंच बनाने पर होगा।

डॉ. संगप्पा ने भाकृअनुप–केवीके कोडागु को एक गतिशील, किसान-केंद्रित केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, जो जलवायु-लचीली और टिकाऊ कृषि, बाजरा एवं उच्च-मूल्य वाली फसलों के संवर्धन, एफपीओ और एसएचजी विकास, प्रौद्योगिकी प्रसार तथा मजबूत किसान–वैज्ञानिक संपर्क को बढ़ावा देगा। इसके लिए सामूहिक प्रयासों के माध्यम से कृषि समुदायों के लिए समावेशी, टिकाऊ और बाजार-उन्मुख आजीविका के अवसर सृजित करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

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