18 फरवरी, 2026, अविकानगर
भाकृअनुप-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई), अविकानगर, के उत्तरी शीतोष्णा क्षेत्रीय केन्द्र (एनटीआरएस), गडसा, जिला-कुल्लू, हिमाचल प्रदेश, में प्रादेशिक किसान मेला एवं किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी का आज आयोजन किया गयाl
मुख्य अतिथि डॉ. धीर सिंह, निदेशक, राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा, विशिष्ट अतिथि डॉ. एन.एच. मोहन, निदेशक, राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, करनाल, हरियाणा, कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पधारे मुख्य अथिति डॉ. धीर सिंह द्वारा अपने संस्थान की डेरी की मिल्क तकनिकीयों से हिमाचल प्रदेश के किसानों को जोड़कर उसे लाभान्वित करने का आश्वासन दिया l उन्होंने वर्तमान समय में किसानों को प्रति पशु क़ृषि के उत्पादन बढ़ाने हेतु उपलब्ध वैज्ञानिक ज्ञान को अपनाने का आग्रह दियाl
डॉ. मोहन ने प्रदेश की पशु सम्पदा को पहचान दिलाने हेतु अपनी वैज्ञानिक टीम को क्षेत्रीय केन्द्र के साथ कार्य करने का विश्वास दिलायाl

कार्यक्रम अध्यक्षता डॉ. अरुण कुमार तोमर, निदेशक, सीएसडब्ल्यूआरआई, अविकानगर, डॉ. भूपेंद्र ठाकुर, डॉ राकेश देवलाश, डॉ सुरेंद्र ठाकुर, सहायक निदेशक, क़ृषि संस्थान, बिजोरा एवं डॉ. आर. पुरुषोत्तम, अध्यक्ष, एनटीआरएस एवं कोऑर्डिनेटर, डॉ अजय कुमार, श्री इंद्रभूषण कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा भाग लेकर किसान के साथ विस्तार से उनकी सवाल जवाब पर चर्चा के साथ-साथ किसान के लिए की जा रही गतिविधियों पर विस्तार से बतायाl
डॉ. अरुण कुमार तोमर द्वारा अपने संस्थान एवं क्षेत्रीय केन्द्र की गतिविधियों के बारे में इस कार्यक्रम में, विस्तार से, किसानों एवं उपस्थित अथितियों से साझा की l
अतिथियों ने क़ृषि एवं पशुपालन, ऊनत तकनिकीयों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर संस्थान के प्रकाशन (भेड़पालन कैलेंडर, न्यूज़लेटर एवं भेड़पालन बुलेटिन), का विमोचन के साथ, प्रगतिशील किसानो की सफलता कहानी के साथ बेस्ट प्रदर्शनी स्टॉल को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गयाl हिमाचल प्रदेश की ऊनी उत्पादों एवं गडसा स्कूल के विधार्थियो ने भी अपनी प्रस्तुती दी l

डॉ. अब्दुल रहीम चौधरी, वैज्ञानिक गडसा, को गद्दी भेड़ एवं उसके सेक्टर विकास के लिए बेस्ट साइंटिस्ट अवार्ड प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश से 600 से ज्यादा महिला एवं पुरुष किसानों की भागीदारी रही।
श्री इंद्रभूषण कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गयाl
(स्रोतः भाकृअनुप-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान, अविकानगर)








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