15 मई, 2026, जोधपुर
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर को खरीफ दलहन पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) की वार्षिक समूह बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर "सर्वश्रेष्ठ केन्द्र पुरस्कार" से सम्मानित किया गया है। यह बैठक 5 मई, 2026 को बेंगलुरु स्थित यूएएस, जीकेवीके में आयोजित की गई। पुरस्कार कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव और भाकृअनुप के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट द्वारा प्रदान किया गया, जिसमें भारतीय गर्म शुष्क क्षेत्र के लिए शुष्क दलहनों के आनुवंशिक सुधार में काजरी की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को मान्यता दी गई। यह पुरस्कार मोठ एवं ग्वार अनुसंधान क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए प्रदान किया गया है |

मोठ एक अत्यधिक जलवायु-प्रतिरोधी दलहन है जिसकी खेती मुख्य रूप से गर्म शुष्क क्षेत्रों के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में की जाती है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, काजरी ने गत दशक में गर्म शुष्क क्षेत्रों के लिए उच्च उपज देने वाली, सूखा-प्रतिरोधी और व्यापक रूप से अनुकूलनीय किस्मों को विकसित करने के लिए प्रजनन प्रयासों को तेज किया है। नई विकसित किस्मों में लंबे समय तक सूखे तथा कभी-कभी अधिक वर्षा दोनों स्थितियों में वांछनीय अनुकूलन क्षमता एवं विकासात्मक लचीलापन है, जो उन्हें तनावग्रस्त और अनुकूल उत्पादन वातावरण दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है।

इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, काजरी ने 2024-2026 की छोटी अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मोठ बीन की छह किस्में विकसित और जारी कीं, जिनमें काजरी मोठ-4 और काजरी मोठ-5 2023 में, काजरी मोठ-6 और काजरी मोठ-7 2024 में, और काजरी मोठ-8 और काजरी मोठ-9 2025 में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, काजरी मोठ-10 और काजरी मोठ-11 को कार्यशाला में जारी करने और अधिसूचना के लिए चुना गया है।

नव नियुक्त निदेशक, निदेशक, डॉ. एच.एस. जाट, ने खरीफ दलहन पर एआईसीआरपी के सर्वश्रेष्ठ स्वैच्छिक केन्द्र के रूप में काज़री को राष्ट्रीय मंच पर लाने के लिए मोठ बीन प्रजनन टीम और प्रभागाध्यक्ष डॉ. आर.के. काकानी को बधाई दी। उन्होंने शुष्क क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने के लिए इन नव विकसित मोठ बीन किस्मों के बीज गुणन कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
काज़री, जोधपुर की उच्च उपज वाली किस्मों को विकसित करने के लिए समर्पित मोठ बीन प्रजनन टीम में काज़री, जोधपुर के पादप सुधार एवं कीट प्रबंधन प्रभाग के डॉ. एच.आर. महला, डॉ. रामावतार शर्मा और डॉ. खुशवंत बी. चौधरी शामिल हैं।
(स्रोतः भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर)








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