भाकृअनुप-आईआईएमआर, हैदराबाद ने आंध्र प्रदेश में बाजरा मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के लिए जनजातीय एफपीओ को बाजरा प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई की समर्पित

भाकृअनुप-आईआईएमआर, हैदराबाद ने आंध्र प्रदेश में बाजरा मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के लिए जनजातीय एफपीओ को बाजरा प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई की समर्पित

30 जुलाई, 2026, हैदराबाद

श्री अन्न-आधारित आजीविकाओं को सुदृढ़ करने तथा जनजातीय कृषक समुदायों के बीच मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भाकृअनुप-भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईआईएमआर), हैदराबाद, ने आज आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के पट्टिकोंडा मंडल स्थित पेंड्लिमान थांडा में सेवालाल फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) एमएसीएस में श्री अन्न प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन किया।

इस प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन डॉ. सी. तारा सत्यवती, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएमआर, हैदराबाद, ने भाकृअनुप-आटारी, जोन-10, हैदराबाद एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, आईसीआईसीआई फाउंडेशन और बॉर्न टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधियों, एफपीओ के निदेशक मंडल के सदस्यों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित जनजातीय बाजरा किसानों की उपस्थिति में किया। इस एफपीओ की स्थापना भारत सरकार की 10,000 एफपीओ योजना के अंतर्गत की गई थी। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) इसकी कार्यान्वयन एजेंसी थी।

श्री अन्न प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई की स्थापना भाकृअनुप-आईआईएमआर, हैदराबाद द्वारा ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन मिलेट्स (GCoE-Millets) के जनजातीय उपयोजना (टीएसपी) घटक के अंतर्गत वित्तीय सहायता से की गई है। इस पहल को आईसीएआर-केवीके, बनवासी, एएनजीआरएयू, भाकृअनुप-आटारी, हैदराबाद, जिला कलेक्टर, कुरनूल तथा एपी फूड प्रोसेसिंग सोसायटी के तकनीकी मार्गदर्शन एवं निरंतर क्षेत्रीय सहयोग से लागू किया गया है, ताकि फसलोपरांत प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके, प्रसंस्करण दक्षता बढ़ाई जा सके, मात्रात्मक एवं गुणात्मक हानियों को कम किया जा सके तथा एफपीओ स्तर पर मूल्य संवर्धन को सुदृढ़ किया जा सके।

ICAR-IIMR, Hyderabad Dedicates Millet Primary Processing Unit to Tribal FPO to Strengthen Millet Value Chain in Andhra Pradesh

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सी. तारा सत्यवती, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएमआर, ने श्री अन्न खेती की आर्थिक व्यवहार्यता में सुधार के लिए विकेंद्रीकृत प्रसंस्करण अवसंरचना के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम-स्तरीय प्रसंस्करण सुविधाओं की स्थापना से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले अनाज, कम फसलोपरांत हानि, संग्रहण, प्रसंस्करण तथा बाजारोन्मुख मूल्य संवर्धन के माध्यम से बेहतर लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने आगे किसान उत्पादक संगठनों को उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजरा-आधारित उत्पादों के विपणन को एकीकृत करते हुए सतत कृषि-व्यवसाय उद्यमों के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में भाकृअनुप-केवीके, बनवासी, एएनजीआरएयू द्वारा तकनीकी सहयोग, किसान लामबंदी, क्षमता निर्माण तथा एफपीओ के संस्थागत सुदृढ़ीकरण में किए गए सहयोगात्मक प्रयासों की भी सराहना की गई। श्री अन्न प्राथमिक प्रसंस्करण मशीनरी की आपूर्ति, स्थापना एवं संचालन के लिए बॉर्न टेक्नोलॉजी तथा मिलेट रवा मेकर, पल्वराइज़र, वाइब्रो सेपरेटर एवं ब्लेंडर सहित द्वितीयक बाजरा प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन लाइन की स्थापना में सहयोग के लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन की भी प्रशंसा की गई, जिससे एक एकीकृत बाजरा प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को बढ़ावा मिला है।

ICAR-IIMR, Hyderabad Dedicates Millet Primary Processing Unit to Tribal FPO to Strengthen Millet Value Chain in Andhra Pradesh

सेवालाल फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन ने 757 जनजातीय कृषक परिवारों को संगठित किया है, जो मुख्य रूप से रागी (फिंगर मिलेट) तथा अन्य लघु बाजरों की खेती में संलग्न हैं। नवस्थापित प्रसंस्करण इकाई से प्राथमिक प्रसंस्करण कार्यों में उल्लेखनीय सुधार, फसलोपरांत हानियों में कमी, उत्पाद गुणवत्ता में वृद्धि, प्रसंस्करण लागत में कमी तथा बाजार तक पहुंच को सुदृढ़ करने की अपेक्षा है। पूरक द्वितीयक प्रसंस्करण सुविधाएं एफपीओ को विविध प्रकार के मूल्य संवर्धित बाजरा उत्पादों का उत्पादन करने में सक्षम बनाएंगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा सदस्य किसानों की आय में वृद्धि होगी।

जिला स्तरीय अधिकारियों ने जनजातीय क्षेत्र में एक आदर्श बाजरा प्रसंस्करण उद्यम स्थापित करने के लिए भाकृअनुप-आईआईएमआर, भाकृअनुप-केवीके बनवासी, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, बॉर्न टेक्नोलॉजी तथा सेवालाल फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आंध्र प्रदेश भर में बाजरा-आधारित उद्यमिता तथा ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में कार्य करेगी।

कार्यक्रम का समापन वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच वैज्ञानिक फसलोपरांत प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, उद्यमिता विकास तथा बाजार संपर्कों पर संवाद के साथ हुआ। बाजरा प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, किसान उत्पादक संगठनों को सुदृढ़ करने, श्री अन्न को बढ़ावा देने तथा विज्ञान-आधारित हस्तक्षेपों एवं संस्थागत अभिसरण के माध्यम से जनजातीय कृषक समुदायों की आजीविका में सुधार के प्रति भाकृअनुप-आईआईएमआर की प्रतिबद्धता में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करती है।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)

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