भाकृअनुप-एसबीआई, कोयंबटूर ने अट्टापडी में आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु अभियान का किया आयोजन

भाकृअनुप-एसबीआई, कोयंबटूर ने अट्टापडी में आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु अभियान का किया आयोजन

18 अगस्त 2026, कोयंबटूर

भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर ने आज केरल के अगाली स्थित अपने अनुसंधान केन्द्र में “अट्टापडी की आदिवासी महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण” (सीईईटीए) पर एक दिवसीय अभियान आयोजित किया। यह कार्यक्रम अनुसूचित जनजाति घटक के लिए विकास कार्य योजना (डीएपीएसटीसी) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आदिवासी महिलाओं के बीच आजीविका के अवसरों, उद्यमिता और बेहतर पारिवारिक पोषण को बढ़ावा देना था।

अभियान में 30 आदिवासी महिलाओं ने भाग लिया। इसमें सरकारी कल्याण एवं आजीविका योजनाओं, पशुधन एवं कुक्कुट आधारित उद्यमों, खाद्य उद्यमिता तथा स्थानीय उपज के मूल्यवर्धन पर प्रशिक्षण दिया गया।

ICAR-SBI, Coimbatore Organizes Campaign to Economically Empower Tribal Women in Attappady

कार्यक्रम में अट्टापडी की आदिवासी महिलाओं के सामने आने वाली सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को रेखांकित किया गया, जिसमें उद्यमिता और आजीविका विकास के माध्यम से कुपोषण और मातृ एनीमिया से निपटने पर जोर दिया गया। तकनीकी सत्रों में पारंपरिक खाद्य पदार्थों के मूल्यवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें केले का जैम तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल था।

प्रतिभागियों को कम लागत और अधिक लाभ वाले पशुधन एवं कुक्कुट उद्यमों से भी परिचित कराया गया, जिसमें अट्टापडी ब्लैक बकरी और ग्रामप्रिया मुर्गी के साथ-साथ चारा प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और विपणन संबंधी प्रथाएं शामिल थीं। आदिवासी कल्याण और कृषि विकास योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा की गई, जबकि महिलाओं को जीआई-टैग प्राप्त अट्टापडी अट्टुकोम्बु अवरा और अट्टापडी थुवरा की खेती करने तथा सेवाओं और उद्यमिता के अवसरों तक पहुंच के लिए अपने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का कथिर ऐप पर पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

ICAR-SBI, Coimbatore Organizes Campaign to Economically Empower Tribal Women in Attappady

अभियान के एक हिस्से के रूप में सभी 30 प्रतिभागियों को खाद्य-ग्रेड स्टेनलेस-स्टील के बर्तन, पारंपरिक व्यंजनों और मशरूम की खेती से संबंधित प्रसार साहित्य तथा भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस पहल ने क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से आदिवासी समुदायों के बीच आजीविका के अवसरों, उद्यमिता और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के प्रति आईसीएआर-एसबीआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर)

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