भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा तेलंगाना में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा तेलंगाना में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

18 मई, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान ने आज तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरि जिले के मोटाकुंडूर मंडल के मारू क्लस्टर स्थित अम्मनाबोलु गांव में “मेरा गांव मेरा गौरव (एमजीएमजी)” कार्यक्रम के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन तेलंगाना कृषि विभाग के सहयोग से किया गया। यह जागरूकता अभियान किसानों के बीच टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देने तहेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा शुरू किए गए संतुलि उर्वरक उपयोग पर सघन अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रमुख सिद्धांतों की जानकारी दी, जिनमें संतुलित उर्वरीकरण, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, जैविक संशोधनों का प्रयोग तथा जैव उर्वरकों के उपयोग जैसे विषय शामिल थे।

ICAR-CRIDA, Hyderabad Organises Awareness Programme on Soil Health Management and Balanced Fertilizer Use in Telangana

विशेषज्ञों ने किसानों को यूरिया के अत्यधिक उपयोग से सावधान करते हुए बताया कि इसका मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादकता तथा कृषि लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने टिकाऊ कृषि उत्पादन के लिए जैविक खाद, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट एवं तरल उर्वरकों जैसे पर्यावरण अनुकूल पोषक स्रोतों के उपयोग पर विशेष बल दिया।

व्यावहारिक प्रदर्शन के अंतर्गत किसानों को जैव उर्वरकों द्वारा बीज उपचार की तकनीक का भी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे मृदा उर्वरता एवं फसल प्रदर्शन में सुधार किया जा सके।

कार्यक्रम में कुल 100 किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान)

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