भाकृअनुप-सीटीसीआरआई में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भाकृअनुप-सीटीसीआरआई में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

23 सितंबर, 2026, तिरुवनंतपुरम

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत, भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम में आज एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अभियान के तहत निर्धारित जन भागीदारी वकालत अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम में अभियान की तिथि-वार कार्ययोजना के अनुसार एसडब्ल्यूएम नियम, 2026 के तहत 4-तरफा अपशिष्ट पृथक्करण – “अब दो नहीं चार”, घरेलू कंपोस्टिंग, प्लास्टिक को कहें ना और कम करें, पुनः उपयोग करें तथा पुनर्चक्रण (RRR) अभियान को शामिल किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन सुचित्व मिशन, केरल के सहयोग से किया गया, जिसमें जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट में कमी, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जिसमें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर विशेष जोर दिया गया।

Swachhata Hi Seva 2026 Awareness Programme on Waste Management Organised at ICAR-CTCRI, Thiruvananthapuram

प्रतिभागियों को घरेलू कंपोस्टिंग, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने से रोकने, एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने, कपड़े के थैलों के उपयोग, पानी और पेय पदार्थों के लिए पुनः उपयोग योग्य स्टील या कांच की बोतलों को अपनाने, पुनः उपयोग या पुनर्चक्रण के लिए पुराने कपड़ों और घरेलू वस्तुओं को एकत्र करने तथा अपशिष्ट का जिम्मेदारीपूर्वक निपटान करने सहित व्यावहारिक उपायों के बारे में जागरूक किया गया।

जागरूकता सत्र के बाद, सुचित्व मिशन, केरल के विशेषज्ञों ने एसडब्ल्यूएम नियम, 2026 के तहत 4-तरफा अपशिष्ट पृथक्करण – “अब दो नहीं चार” पर एक व्यावहारिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभिन्न श्रेणियों के अपशिष्ट के उचित पृथक्करण और प्रबंधन को समझाया गया तथा प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्रोत पर पृथक्करण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

Swachhata Hi Seva 2026 Awareness Programme on Waste Management Organised at ICAR-CTCRI, Thiruvananthapuram

डॉ. जी. बायजू, निदेशक, भाकृअनुप-सीटीसीआरआई ने अध्यक्षीय संबोधन दिया और स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवेश बनाए रखने के लिए सामूहिक भागीदारी तथा जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कर्मचारियों, छात्रों, शोधार्थियों, परियोजना एवं अस्थायी कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मचारियों और स्वयंसेवकों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम)

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