दक्षिण भारतीय आमों के निर्यात को बढ़ावा देगी भाकृअनुप-आईआईएचआर की हॉट वाटर प्रौद्योगिकी

दक्षिण भारतीय आमों के निर्यात को बढ़ावा देगी भाकृअनुप-आईआईएचआर की हॉट वाटर प्रौद्योगिकी

भाकृअनुप-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईआईएचआर), बेंगलुरु, ने वाणिज्यिक आम की किस्मों में फल मक्खी और एन्थ्रेक्नोज रोग के नियंत्रण के लिए एक नई फसलोत्तर हॉट वाटर उपचार प्रोटोकॉल विकसित और मान्य किया है। इससे पहले फल मक्खी (48°C पर 60 मिनट) और एन्थ्रेक्नोज (52°C पर 5-10 मिनट) के नियंत्रण के लिए दो अलग-अलग फसलोत्तर हॉट वाटर उपचारों की अनुशंसा की जाती थी। इन दोनों समस्याओं के नियंत्रण के लिए दोनों उपचार अलग-अलग देने पड़ते थे।

ICAR-IIHR’s Hot Water Technology to boost the export of South Indian Mangoes

इसके अतिरिक्त, फल मक्खी नियंत्रण के लिए अनुशंसित फसलोत्तर हॉट वाटर उपचार (48°C पर 60 मिनट) से अल्फांसो किस्म में गंभीर आंतरिक विघटन (स्पंजी ऊतक जैसा) देखा गया। नव मानकीकृत हॉट वाटर उपचार में परिपक्व हरे आमों को 55°C तापमान वाले गर्म पानी में 20 मिनट तक रखने के बाद फलों को 5% नमकयुक्त पानी में 30 मिनट तक डुबोया जाता है।

प्रस्तावित अल्प अवधि का हॉट वाटर उपचार किसी भी प्रकार का आंतरिक विघटन उत्पन्न नहीं करता, बल्कि फल मक्खी के संक्रमण को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के साथ-साथ एन्थ्रेक्नोज रोग को भी नियंत्रित करता है। विकसित प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता को सत्यापित करने के लिए अल्फांसो, बंगनपल्ली तथा आईआईएचआर के आम संकरों (अरका उदय और अरका सुप्रभात) पर इस प्रोटोकॉल का उपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर परीक्षण किए गए हैं।

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क्वारंटीन विभाग (डीपीपीक्यू एंड एस) द्वारा अनुमोदन प्राप्त होने के बाद, निर्यातक क्वारंटीन हॉट वाटर उपचार के समय को एक-तिहाई तक कम कर सकेंगे और अल्फांसो किस्म में आंतरिक विघटन की समस्या से भी बच सकेंगे। हालांकि, वर्तमान में इसका उपयोग दूरस्थ घरेलू बाजारों या उन देशों में भेजे जाने वाले आमों में फल मक्खी और एन्थ्रेक्नोज के नियंत्रण के लिए भी किया जा सकता है, जहां क्वारंटीन की आवश्यकता नहीं है।

यह प्रौद्योगिकी फल मक्खी और एन्थ्रेक्नोज के कारण होने वाले फसलोत्तर आम नुकसान को नियंत्रित करने में सहायता करती है तथा विक्रेताओं, अन्य हितधारकों को अधिक आय और उपभोक्ताओं को अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। इसका अतिरिक्त लाभ यह है कि एक ही हॉट वाटर उपचार से फल मक्खी और एन्थ्रेक्नोज दोनों का नियंत्रण हो जाता है।

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भाकृअनुप-आईआईएचआर, बेंगलुरु ने निर्यातक श्रीमती हसीना रोशन, प्रोपराइटर, मिलेट स्माइल, येलहंका को इस हॉट वाटर उपचार प्रोटोकॉल का उपयोग करते हुए 25 जून, 2026 को चेन्नई हवाई अड्डे से हवाई माल परिवहन के माध्यम से एशियाई देश ब्रुनेई के लिए 1.2 टन बंगनपल्ली आमों की खेप भेजने में सहायता प्रदान की। खरीदार ने पुष्टि की कि आम अच्छी स्थिति में पहुंचे, वे फल मक्खी और एन्थ्रेक्नोज से मुक्त थे तथा उनकी गुणवत्ता और समग्र स्वरूप संतोषजनक था।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु)

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