18 जून, 2026, धलाई
कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) धलाई ने धलाई जिले के सलेमा और कुलई गांवों में 400 से अधिक किसानों की भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सतत कृषि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पद्धतियों के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
कार्यक्रम में त्रिपुरा सरकार के एस.सी. कल्याण, मत्स्य एवं एआरडीडी विभाग के मंत्री श्री सुधांशु दास की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों में 45-कमलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री मनोज कांती देब; 46-सुरमा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती स्वप्ना दास पॉल; राज्य स्तरीय समाजसेवी श्री जॉयदेब देबबर्मा; धलाई जिला परिषद की अध्यक्ष श्रीमती दीप्ति देब रक्षित; धलाई की सभाधिपति श्रीमती सुस्मिता दास; धलाई के सह-सभाधिपति श्री अनादी सरकार; धलाई के बीएसी अध्यक्ष श्री बिमल देबबर्मा; जिला परिषद की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री बीरेंद्र दास, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जॉयदेब देबबर्मा, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष, धलाई के कृषि उपनिदेशक, डीडीए, डीडीएच, एसए, कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि सखियां, 500 से अधिक किसान तथा केवीके धलाई के वैज्ञानिक शामिल थे।

सभा को संबोधित करते हुए गणमान्य व्यक्तियों ने पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती के माध्यम से मृदा उर्वरता में सुधार के लिए खेत बचाओ अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए उत्पादकता बढ़ाने के लिए सतत कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
केवीके धलाई के वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ संवाद किया और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्व उपयोग तथा कम लागत वाली सतत कृषि पद्धतियों पर तकनीकी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो पर्यावरणीय रूप से सतत कृषि के प्रति उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
(स्रोत: कृषि विज्ञान केन्द्र, धलाई, त्रिपुरा)







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