20 जनवरी, 2026, नई दिल्ली
श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री, ने आज विकसित भारत यंग लीडर्स 2026 के प्रतिभागियों के साथ वर्चुअल माध्यम से विचार विमर्श किया। यह बैठक 12 जनवरी, 2026 को भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के क्रम में आयोजित की गई थी।
श्री चौहान ने कहा कि युवा केवल उनके लिए विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि भारतीय कृषि के रूपांतरण हेतु उनकी प्रतिभा के प्रस्तोता है। उन्होंने विचारों एवं नवाचारों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि इनके माध्यम से खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, किसानों की आय में वृद्धि तथा कृषि को अधिक किसान-हितैषी बनाया जा सकेगा। कृषि मंत्री ने युवाओं से दालों और तिलहनों के आयात को कम करने, कम लागत वाली खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण, तथा उर्वरक सब्सिडी के प्रत्यक्ष हस्तांतरण के लिए डिजिटल अवसंरचना के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर नए और व्यावहारिक विचार देने का आग्रह किया। उन्होंने देश स्तर पर एक साझा मंच से जुड़कर छोटे और सीमांत किसानों के लिए नवाचारी मॉडल विकसित करने हेतु युवाओं को प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी बताया कि संवाद के दौरान प्राप्त सुझावों को विषयवार वर्गीकृत कर संस्थागत एवं राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही युवाओं से अपने विचार लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया, जिनका मूल्यांकन राष्ट्रीय महत्व, प्रासंगिकता, विस्तार क्षमता और व्यवहारिकता के आधार पर किया जाएगा। प्रभावशाली विचारों को आगे सहयोग और मान्यता भी दी जाएगी।
इस अवसर पर डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप, ने केन्द्रीय मंत्री तथा युवाओं का स्वागत किया तथा कहा कि युवा भविष्य के नवोन्मेषक, उद्यमी और नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले होंगे। इस वर्चुअल संवाद के माध्यम से युवा कृषि लीडर्स को राष्ट्रीय स्तर पर नए विचार साझा करने तथा उन्हें लागू करने का एक नया अवसर प्राप्त होगा।
प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कृषि नवाचार, आजीविका संवर्धन और टिकाऊ कृषि विकास से जुड़े व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया। साथ ही राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर केन्द्रित, व्यावहारिक एवं समाधान-आधारित सुझाव दिया। इनमें “वन नेशन–वन ऑर्गेनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म” का विकास (डिजिटल ट्रेसेब्लिटी और बाजार एकीकरण के साथ), ई-मार्केटिंग और ग्राम-स्तरीय बाजारों को बढ़ावा, मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु जैव-इनपुट्स और सूक्ष्मजीवों का व्यापक उपयोग, तथा मृदा स्वास्थ्य, फसल योजना, मौसम सूचना और डेटा-आधारित सलाह को जोड़ने वाली एकीकृत परामर्श प्रणाली जैसे विचार शामिल थे।
तेलंगाना, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के युवा नेताओं ने इस बैठक के माध्यम से केन्द्रीय कृषि मंत्री के साथ अपने विचार तथा सुझाव साझा किया।
डॉ. जे.के. जेना, उप-महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप तथा भाकृअनुप के शिक्षा प्रभाग के अन्य अधिकारी भी इस संवाद के दौरान उपस्थित रहे।
यह संवाद युवाओं की भागीदारी के माध्यम से विकसित कृषि और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
(स्रोतः कृषि भवन, नई दिल्ली)








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