9 जुलाई, 2026, नई दिल्ली
अफगानिस्तान के एक वरिष्ठ स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आईसीएआर–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का आईसीएआर-आईएआरआई के निदेशक डॉ. सीएच. श्रीनिवास राव ने गर्मजोशी से स्वागत किया तथा संस्थान की उस ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से भारत को खाद्यान्न की कमी वाले देश से खाद्यान्न अधिशेष वाले देश में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।
डॉ. राव ने प्रतिनिधिमंडल को भारतीय कृषि के विकास में आईसीएआर तथा आईसीएआर-आईएआरआई के दायित्वों और योगदान से अवगत कराया। उन्होंने उच्च उपज देने वाली एवं जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों के विकास, एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस), परिशुद्ध (प्रिसिजन) कृषि, संरक्षित खेती, सतत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ संस्थान के सुदृढ़ अनुसंधान अवसंरचना एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता की उपलब्धियों पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान आईसीएआर के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी.के. यादव ने भारतीय कृषि की उपलब्धियों तथा अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास के माध्यम से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में आईसीएआर की महत्वपूर्ण भूमिका पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने फसल सुधार, जलवायु-अनुकूल कृषि, परिशुद्ध एवं डिजिटल कृषि, जल उपयोग दक्षता, श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने, दलहन में आत्मनिर्भरता तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप सतत कृषि विकास में आईसीएआर के योगदान पर प्रकाश डाला।
आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. सी. विश्वनाथन ने कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान की अनुसंधान क्षमता पर प्रकाश डाला।
आईसीएआर-आईएआरआई की संयुक्त निदेशक (शिक्षा) एवं अधिष्ठाता डॉ. अनुपमा सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की क्षमता निर्माण गतिविधियों एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता से अवगत कराया।

आईसीएआर-आईएआरआई के वैज्ञानिकों के साथ एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने फसल सुधार, बीज प्रणाली, जलवायु-स्मार्ट कृषि, परिशुद्ध कृषि, जल प्रबंधन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा क्षमता निर्माण में सहयोग को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया। अनुसंधान, शिक्षा एवं विस्तार के क्षेत्र में सहयोग की योजना विकसित करने के लिए आईसीएआर-आईएआरआई और अफगानिस्तान का एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने का सुझाव भी दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्व की सबसे बड़ी पादप फेनोमिक्स सुविधा नानाजी देशमुख प्लांट फेनोमिक्स फैसिलिटी सेंटर, एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल तथा संरक्षित खेती प्रौद्योगिकी केंद्र (सीपीसीटी) का भी दौरा किया। इस भ्रमण से प्रतिनिधिमंडल को सतत कृषि विकास के लिए आईसीएआर-आईएआरआई की उन्नत अनुसंधान सुविधाओं एवं नवाचारी प्रौद्योगिकियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
(स्रोत: आईसीएआर–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें