10 जुलाई, 2026, मेघालय
भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पूर्वोत्तर पर्वतीय (एनईएच) क्षेत्र, उमियाम ने आज राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस 2026 का आयोजन करते हुए गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन पर एक जागरूकता एवं फील्ड प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें मेघालय के री भोई जिले के 100 किसानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित री भोई जिले के उमरोई निर्वाचन क्षेत्र के एमडीसी श्री इस्यनेई हिंगे ने जमीनी स्तर पर मत्स्य विकास पहलों की सफलता सुनिश्चित करने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को दोहराया। उन्होंने किसानों से मत्स्य पालन से संबंधित अपने समग्र विकास के लिए आईसीएआर की योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
मुख्य वक्तव्य देते हुए डॉ. जी. कादिरवेल, निदेशक, भाकृअनुप-आरसी-एनईएचआर, उमियाम, ने क्षेत्र के लिए मत्स्य उत्पादकता में वृद्धि, क्षेत्र विस्तार तथा महासीर प्रजनन को प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया तथा किसानों को संस्थान द्वारा प्रोत्साहित किए जा रहे एक्वा विलेज मॉडल में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से मत्स्य विकास के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत भाकृअनुप मत्स्य फार्म में गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन पर जागरूकता-सह-प्रदर्शन विषयक तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद टीएसपी के अंतर्गत लाभार्थियों को आवश्यक कृषि आदानों का वितरण किया गया, जिसमें आईसीएआर फार्म में उत्पादित 300 मत्स्य बीज सभी किसानों को प्रदान किए गए।
(स्रोत: भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र, उमियाम, मेघालय)







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