केवीके धलाई ने सतत कृषि को बढ़ावा देने हेतु सम्पूर्ण त्रिपुरा में ‘खेत बचाओ अभियान’ को किया तेज

केवीके धलाई ने सतत कृषि को बढ़ावा देने हेतु सम्पूर्ण त्रिपुरा में ‘खेत बचाओ अभियान’ को किया तेज

1 जून, 2026, धलाई, त्रिपुरा

कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), धलाई, त्रिपुरा, ने आज अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिले के विभिन्न गांवों एवं विकासखंडों में राष्ट्रव्यापी “खेत बचाओ अभियान” को सक्रिय रूप से लागू करना प्रारंभ कर दिया है। सतत कृषि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह माहभर का जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है और जून माह भर जारी रहेगा।

अभियान के अंतर्गत, केवीके धलाई के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने पहले ही जिले के विभिन्न विकासखंडों के 25 से अधिक गांवों को जागरूकता कार्यक्रमों, किसान-वैज्ञानिक संवाद, क्षमता निर्माण सत्रों, खेत प्रदर्शनियों तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से कवर कर लिया है। यह पहल कृषि समुदायों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान एवं व्यावहारिक कृषि प्रौद्योगिकियों का प्रसार करने पर केंद्रित है, ताकि सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा सके।

अभियान में सतत कृषि के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिनमें उर्वरकों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती पद्धतियां, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्टिंग, फसल अवशेष प्रबंधन तथा खेत पर उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग शामिल हैं। किसानों को रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम करने तथा कम लागत वाली सतत प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु जैविक आदानों की तैयारी एवं उपयोग, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तकनीकों तथा पर्यावरण-अनुकूल कीट प्रबंधन पद्धतियों पर भी प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।

KVK Dhalai Intensifies ‘Khet Bachao Abhiyan’ Across Tripura to Promote Sustainable Agriculture

केवीके धलाई के वैज्ञानिकों ने दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता एवं लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए मृदा उर्वरता बनाए रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्डों का प्रभावी उपयोग करने, एकीकृत कृषि प्रणालियां अपनाने, फसल अवशेषों का पुनर्चक्रण करने तथा बदलती जलवायु परिस्थितियों में मृदा स्वास्थ्य सुधारने एवं फसल उत्पादकता बनाए रखने के लिए उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

इस अभियान को जिले भर के किसानों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है, जिसमें बड़ी संख्या में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं खेत प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। किसानों ने मृदा स्वास्थ्य सुधारने, कृषि लागत कम करने तथा कृषि की स्थिरता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक उपायों को सीखने में गहरी रुचि व्यक्त की।

केवीके धलाई के अधिकारियों ने बताया कि “खेत बचाओ अभियान” आगामी सप्ताहों में जिले के अतिरिक्त गांवों तक पहुंचेगा, जिसका उद्देश्य मृदा संरक्षण, सतत फसल उत्पादन तथा जलवायु-अनुकूल कृषि के संबंध में व्यापक जनजागरूकता पैदा करना है।

इस व्यापक जनसंपर्क पहल के माध्यम से KVK धलाई किसानों को वैज्ञानिक ज्ञान से सशक्त बनाने, सतत कृषि पद्धतियों को मजबूत करने तथा त्रिपुरा में दीर्घकालिक कृषि विकास को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित कर रहा है।

(स्रोत: कृषि विज्ञान केन्द्र, सलेमा, धलाई, त्रिपुरा)

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