कृषि विस्तार प्रभाग की नई पहलें
1. जनजातीय क्षेत्रों में ज्ञान प्रणाली एवं गृहवाटिका कृषि प्रबंधन (KSHAMTA)
वर्ष के दौरान KSHAMTA कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के केवीके ने 6009 प्रक्षेत्र परीक्षण और 34958 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित किए। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 607936 किसानों/कृषक महिलाओं और 60136 विस्तार कार्मिकों का क्षमता विकास किया गया। केवीके द्वारा आयोजित विस्तार गतिविधियों से 971423 प्रतिभागी लाभान्वित हुए।
केवीके द्वारा बीज (33121 क्विंटल), रोपण सामग्री (58.84 लाख) और पशुधन नस्लों एवं मछली अंगुलिकाओं (15.64 लाख) जैसे तकनीकी इनपुट का उत्पादन किया गया। इसके अलावा, मिट्टी, पानी, पौधों और खाद के 86040 नमूनों का विश्लेषण करके कृषि के विभिन्न पहलुओं पर 36.12 लाख किसानों को मोबाइल परामर्श भेजे गए।
2. स्व-स्थाने फसल अवशेष प्रबंधन
“स्व-स्थाने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूकता” परियोजना के अंतर्गत पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 60 केवीके कृषि मशीनरी को बढ़ावा देने, प्रदर्शनों, प्रशिक्षण और फसल अवशेषों के स्व-स्थाने प्रबंधन के लिए अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कार्य कर रहे हैं।
IEC गतिविधियों के अंतर्गत चयनित गांवों में अवशेष जलाने के हानिकारक प्रभावों, स्व-स्थाने अवशेष प्रबंधन के लाभों और सब्सिडी वाली मशीनों की उपलब्धता संबंधी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा की गई। डीडी किसान पर 100 से अधिक पैनल चर्चाओं सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम प्रसारित किए गए और 4.5 लाख से अधिक हितधारकों के बीच प्रचार सामग्री वितरित की गई।
गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर लगभग 700 जागरूकता कार्यक्रम तथा लगभग 2 लाख प्रतिभागियों के साथ 75 किसान मेले आयोजित किए गए। अवशेष जलाने के विरुद्ध संदेश प्रसारित करने के लिए 250 स्कूलों और कॉलेजों के लगभग 40000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। पर्यावरणविदों और धार्मिक संतों को भी इस अभियान से जोड़ा गया।
इसके अतिरिक्त, लगभग 20000 किसानों, ट्रैक्टर मालिकों और मशीन ऑपरेटरों के लिए 400 व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किए गए। 12000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन किए गए। लगभग 200 एक्सपोजर विजिट, 250 प्रक्षेत्र दिवस और फसल कटाई दिवस भी आयोजित किए गए, जिनमें 10000 से अधिक किसानों को प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी गई। बैसाखी के त्योहार को “फसल अवशेष न जलाने का दिवस” के रूप में मनाया गया।
परिणामस्वरूप, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 2019 में आग जलाने की घटनाओं की संख्या में क्रमशः 2018, 2017 और 2016 की तुलना में लगभग 18.7%, 31.0% और 52.0% की कमी देखी गई।
3. केवीके को कॉमन सर्विस सेंटरों (CSCs) से जोड़ना
केवीके को CSCs से जोड़ने के लिए 16.07.2019 को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। तदनुसार, कृषि संबंधी तकनीकी समस्याओं को लेकर CSCs पर आने वाले किसानों को तकनीकी समाधान प्रदान करने के लिए 3.5 लाख CSCs को केवीके से जोड़ा गया है।
4. जल शक्ति मंत्रालय के जल शक्ति अभियान में केवीके की भूमिका
30.09.2019 तक प्रथम चरण में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत 243 केवीके द्वारा 466 मेले आयोजित किए गए, जिनमें 257408 किसानों और स्कूली बच्चों ने भाग लिया। इसी प्रकार, 02.10.2019 को जल शक्ति अभियान के अंतर्गत 91 केवीके द्वारा 91 मेले आयोजित किए गए, जिनमें 56746 किसानों और स्कूली बच्चों ने भाग लिया।
इस अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की गईं:
- जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के उपयोग सहित जल के कुशल उपयोग पर चर्चा।
- ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों का सजीव प्रदर्शन।
- नुक्कड़ नाटक और किसान-वैज्ञानिक संवाद।
- जल प्रबंधन पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और चित्रकला/रंगोली प्रतियोगिता।
- जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई के महत्व पर फिल्म प्रदर्शन।
- छत पर वर्षा जल संचयन का प्रदर्शन।
- किसानों के अनुभव साझा करना।
- इलेक्ट्रॉनिक नमी मीटर से मिट्टी की नमी मापने की विधि का प्रदर्शन।
- प्रदर्शनी, वृक्षों के पौधों का वितरण और किसानों का सम्मान।
5. केवीके के अंतर्गत जिला कृषि मौसम इकाइयों (DAMU) की स्थापना
विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में कृषक समुदाय की सेवा करने, जलवायु संबंधी असामान्यताओं के कारण जोखिम को कम करने और उत्पादकता में सुधार के लिए केवीके के माध्यम से देश में स्थानीय भाषा में कृषि-मौसम परामर्श सेवाएं प्रदान करने हेतु भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के साथ समझौता ज्ञापन के अंतर्गत 199 केवीके के परिसरों में जिला कृषि-मौसम इकाइयां (DAMUs) स्थापित की गई हैं।
केवीके ने परियोजना के अंतर्गत 116 SMS और 93 कृषि-मौसम पर्यवेक्षकों की भर्ती की है, जिनमें से 103 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
आईसीटी पहलें
1. वेब पोर्टल
केवीके की नियमित निगरानी और किसानों को सूचना एवं परामर्श प्रदान करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ज्ञान नेटवर्क पोर्टल 8 जुलाई 2016 को लॉन्च किया गया।
2. एमकिसान पोर्टल (mKisan Portal)
कृषक समुदाय को मौसम, बाजार, विभिन्न कृषि कार्यों, कीटों और रोगों के प्रकोप तथा उनके नियंत्रण उपायों आदि के बारे में समय पर और आवश्यकता-आधारित जानकारी प्रदान करने के लिए केवीके द्वारा mKisan पोर्टल का उपयोग करते हुए 5 करोड़ से अधिक किसानों को मोबाइल कृषि परामर्श प्रदान किए जाते हैं।
3. कोविड-19 महामारी के दौरान केवीके की गतिविधियां
कोविड-19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई में किसानों की समस्याओं का समाधान करने और नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए केवीके द्वारा विभिन्न गतिविधियां की गईं।








फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें