आजीविका बढ़ाने के लिए अनुसूचित जनजाति के मत्स्य पालक किसानों का संवेदीकरण एवं क्षमता निर्माण का आयोजन
आजीविका बढ़ाने के लिए अनुसूचित जनजाति के मत्स्य पालक किसानों का संवेदीकरण एवं क्षमता निर्माण का आयोजन

29 अगस्त 2023, सोनामुखी, बांकुरा

भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ ने भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता तथा डब्ल्यूबीसीएडीसी केवीके, सोनामुखी, बांकुरा, पश्चिम बंगाल के सहयोग से डब्ल्यूबीसीएडीसी केवीके, बांकुरा में आज अनुसूचित जनजाति के मत्स्य पालक किसानों के लिए एक संवेदीकरण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया।

Sensitisation and capacity-building of scheduled tribe fish farmers for augmenting livelihood  Sensitisation and capacity-building of scheduled tribe fish farmers for augmenting livelihood

प्रो. (डॉ.) ए.के. पाणिग्रही, कुलपति, बर्दवान विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।

डॉ. यू.के. सरकार, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएफजीआर ने अनुसूचित जनजाति के मछली किसानों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों पर जोर दिया।

इस अवसर पर डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप अटारी, कोलकाता ने भी बात की।

लाभार्थियों के बीच महत्वपूर्ण जलकृषि इनपुट, जैसे गुणवत्तापूर्ण मछली बीज, चारा, जाल आदि वितरित किए गए।

कार्यक्रम में बांकुरा के 40 से अधिक एसटी मत्स्य पालक किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ)

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