2 नवंबरर कृषि अनुसंधान परिषद के विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस), अल्मोड़ा द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत विकासखंड हवालबाग के बिमोला गांव में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. लक्ष्मी कान्त, निदेशक, भाकृअनुप-वीपीकेएएस के सम्पूर्ण मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. जे.पी. आदित्य, वैज्ञानिक, भाकृअनुप-वीपीकेएएस, ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए मृदा संरक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के उपयोग तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण प्रयोग के लिए प्रेरित किया। डॉ. आदित्य ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग तथा कृषि उत्पादन की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में किसानों के साथ संवाद भी किया गया, जिसमें उन्होंने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को साझा किया। किसानों ने मृदा परीक्षण के महत्व के प्रति जागरूकता की कमी, जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान, कुरमुला के प्रकोप से फसलों एवं जड़ों को होने वाली क्षति तथा विशेष रूप से प्याज की फसल में लगने वाले रोगों की समस्या उठाई। इसके अतिरिक्त कृषि निवेशों की उपलब्धता एवं समय पर तकनीकी जानकारी प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्राम प्रधान श्रीमती माया जोशी एवं उनके पति श्री प्रकाश जोशी का सक्रिय सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कुल 76 किसानों (45 महिलाएं एवं 31 पुरुष) ने एस कार्यक्रम में शिरकत की।
(भाकृअनुप-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा)








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