21 मई, 2026, हैदराबाद
पोषण, जलवायु अनुकूलता और टिकाऊ कृषि के लिए मोटे अनाज (मिलेट्स/श्री अन्न) के बढ़ते राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व के बीच, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज हैदराबाद के राजेंद्रनगर स्थित भाकृअनुप-भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईआईएमआर) में स्थापित वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र (श्री अन्न) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मिलेट अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रसार, उद्यमिता विकास तथा अवसंरचना विस्तार से संबंधित संस्थान की प्रमुख पहलों की समीक्षा की।

दौरे के दौरान श्री चौहान ने मुख्य भवन के निकट एक पौधा रोपित किया, जो पर्यावरणीय स्थिरता तथा जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र (श्री अन्न) परिसर की प्रगति और उसकी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया, जिनका उद्देश्य मिलेट अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, मूल्य संवर्धन, उद्यमिता विकास तथा किसानों एवं अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करना है।
मंत्री ने संस्थान परिसर में आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों, भाकृअनुप-आईआईएमआर द्वारा प्रोत्साहित किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषि स्टार्टअप्स, उद्यमियों और अन्य मिलेट हितधारकों से संवाद किया। प्रदर्शनी में उन्नत मिलेट किस्मों, मिलेट आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों, प्रसंस्करण तकनीकों, नवाचारी कृषि मशीनों, स्टार्टअप आधारित उद्यम मॉडल तथा मिलेट उत्पादन, बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और व्यावसायीकरण से संबंधित भाकृअनुप-आईआईएमआर द्वारा विकसित तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने पोषण सुरक्षा, टिकाऊ कृषि, जलवायु लचीलापन और किसानों की आय वृद्धि में मिलेट्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने मिलेट उपभोग को बढ़ावा देने, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन अवसंरचना को मजबूत करने तथा एफपीओ, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और ग्रामीण युवाओं के लिए मिलेट आधारित व्यवसायों में अधिक अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यम विकास के माध्यम से मिलेट संवर्धन को समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने मिलेट अनुसंधान, उद्यमिता विकास तथा किसान-केंद्रित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में भाकृअनुप-भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान के योगदान की सराहना भी की।

इस अवसर पर डॉ. सी. तारा सत्यवती, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएमआर, ने संस्थान द्वारा संचालित प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र (जीसीओई), जनजातीय उप-योजना (टीएसपी), अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी), पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र (एनईएच) कार्यक्रम, एफपीओ प्रोत्साहन पहल तथा महर्षि (MAHARISHI) कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में किसानों, एफपीओ, जनजातीय समुदायों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए तकनीकी प्रसार, क्षमता निर्माण, उद्यमिता विकास, प्रसंस्करण सहायता और बाजार संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
मंत्री ने वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र (श्री अन्न) के अंतर्गत विकसित उन्नत फीनोमिक्स सुविधा का भी दौरा किया और मिलेट्स में जीनोमिक्स तथा प्रिसिजन ब्रीडिंग से संबंधित आधुनिक अनुसंधान अवसंरचना का अवलोकन किया।

श्री शिवराज सिंह चौहान की इस यात्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषि स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, वैज्ञानिकों और अन्य मिलेट हितधारकों में उत्साह, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान, राजेंद्रनगर, हैदराबाद)







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